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Tamil Nadu: 'एनईपी एक भगवा नीति, बर्बाद कर देगी तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली', सीएम स्टालिन का आरोप

Wed, 12 Mar 2025 10:49 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।

सार

Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने नई शिक्षा नीति और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनईपी तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया बीजेपी की सत्ता बनाए रखने की कोशिश है। 
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नहीं बल्कि 'भगवा नीति' है, जिसका मकसद देश का विकास नहीं, बल्कि हिंदी को बढ़ावा देना है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्टालिन ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी भी दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार उत्तर भारतीय राज्यों में जीत हासिल करके अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) इसे रोकेगी। 

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स्टालिन ने यह टिप्पणी तब की है, जब एक दिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने द्रमुक के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए नई शिक्षा नीति के तहत तीन भाषा के फॉर्मूले का विरोध कर रही है और भाषा को थोपना का मुद्दा बनाकर शोर मचा रही है। 


'तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली नष्ट कर देगी एनईपी'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'हम नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि यह तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर देगी। यह आरक्षण को नहीं मानती है, जो सामाजिक न्याय है। यह नीतिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग को सहायता राशि से वंचित करती है।' मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कक्षा 3 और 5 के लिए सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करके छात्रों को छांटने की कोशिश कर रही है और कक्षा से 12 तक की परीक्षाएं सेमेस्टर आधारित होंगी और अखिल भारतीय परीक्षाओं के समान होंगी। 

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तमिल भाषा की रक्षा करे केंद्र सरकार: एम.के. स्टालिन
स्टालिन ने प्रधान को चुनौती देते हुए कहा कि भले ही केंद्र दस हजार करोड़ रुपये देने की पेशकश करे, तब भी वह इस नीति को लागू नहीं करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे हिंदी के बजाय देश के समग्र विकास पर फोकस करें और संस्कृत जैसी भाषा को बढ़ावा देने के बजाय तमिल भाषा की रक्षा करें, जो कई देशों में बोली जाती है। 

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'दस साल में श्रीलंका ने गिरफ्तार किए 3000 मछुआरे'
मछुआरों के मुद्दे पर स्टालिन ने कहा कि श्रीलंका जैसे छोटे देश केंद्र सरकार का सम्मान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल 550 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था और पिछले दो महीनों में 130 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया। मोदी के दस साल के शासन के दौरान 3,000 मछुआरों को गिरफ्तार किया गया। 
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'परिसीमन प्रक्रिया दक्षिण भारत पर लटकी तलवार'
परिसीमन प्रक्रिया को स्टालिन ने 'दक्षिण भारत पर लटकी तलवार' बताया और कहा कि यह केवल तमिलनाडु का मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उत्तर भारत में जीत हासिल करके अपनी सत्ता बनाए रखना चाहती है और इसके लिए वे राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। द्रमुक इसे रोकने के लिए दक्षिण राज्यों में सभी दलों के साथ मिलकर संघर्ष करेगी। 

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