केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट प्रस्ताव में महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए निधि की घोषणा की है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक मेट्रो मॉडल को स्वीकारने और उसे मंजूरी देने पर खुशी जताई है।
उन्होंने ट्वीट किया कि अभिनंदन नासिक। नासिक मेट्रो मॉडल को केंद्र सरकार ने न सिर्फ स्वीकार किया है बल्कि देश के छोटे शहरों में नियो मेट्रो ट्रेन दौड़ाने की मंजूरी भी दी है।
दरअसल, देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री रहते ही नासिक में नियो मेट्रो प्रोजेक्ट का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था। यह मेट्रो रेलवे की तरह ट्रैक पर नहीं बल्कि रबर टायर पर चलेगी और इसमें परंपरागत मेट्रो की लागत से 40 फीसदी कम खर्च आएगा।
इसे नियो मेट्रो रेल कहा जाता है जिसमें तीन कोच लगेंगे। यह मेट्रो सेवा देश के उन शहरों में चलेगी जहां 20 लाख तक की जनसंख्या है। यह हल्की और ट्राम की तरह होगी। इसलिए इसे मेट्रो बस भी कहा जा सकता है। इसमें स्टेशन क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती। यह सड़क के सरफेस या एलिवेटेड कॉरिडोर पर चल सकती है।
महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस इस बात से खुश हैं कि केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट को स्वीकार करने के साथ ही बजट प्रस्ताव में नासिक मेट्रो के लिए 2 हजार 92 करोड़ रुपये की निधि का भी प्रावधान किया है। वहीं, नागपुर मेट्रो रेल के लिए 5 हजार 996 करोड़ का प्रस्ताव है।
भारत में पहली बार अपनाया जा रहा है मेट्रो नियो सिस्टम
नासिक मेट्रो का नियो सिस्टम भारत में पहली बार अपनाया जा रहा है। यह छोटे शहरों के लिए किफायती और फायदेमंद है। अत्याधुनिक, आरामदायक, न्यूनतम ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण अनुकूल मेट्रो प्रणाली है। यह मेट्रो रेल ट्रैक के स्थान पर सड़क पर चलेगी लेकिन ऊर्जा ओवर हेड वायर से प्राप्त करेगी। इसकी डिजाइन ऐसी है कि तीव्र ढलान पर भी आसानी से चलाई जा सकेगी।
लटकी नासिक मेट्रो परियोजना
नासिक में नियो मेट्रो परियोजना की संकल्पना देवेंद्र फडणवीस की थी। इसलिए राज्य में महाविकास आघाड़ी सरकार आने के बाद इससे संबंधित फाइलें लालफीताशाही के चंगुल में लटक गई।
फडणवीस का आरोप है कि ठाकरे सरकार ने नासिक मेट्रो परियोजना को आठ माह से लटकाए रखा है। उन्होंने इस मेट्रो सिस्टम को मंजूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है।