प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) से पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़े दस्तावेजों के गायब होने के आरोपों पर केंद्र सरकार ने इनकार किया है। सरकार के जवाब के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा 'कल लोकसभा में आखिरकार सच्चाई सामने आ गई। क्या अब इस पर माफी मांगी जाएगी?'
संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इस दौरान सोमवार को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों को लेकर उठे तमाम सवालों पर केंद्र सरकार ने पूर्णविराम लगा दिया था। हालांकि इस पर कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार पर निशाना साधा, जिसमें सरकार ने कहा था कि प्रधानमंत्री संग्रहालय व पुस्तकालय (पीएमएमएल) के वार्षिक निरीक्षण के दौरान जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं हुआ है। कांग्रेस ने पूछा कि क्या सरकार अब इस पर माफी मांगेगी?
दरअसल सितंबर में प्रधानमंत्री संग्रहालय व पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसाइटी के सदस्य रिजवान कादरी ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से संबंधित उन निजी दस्तावेजों तक भौतिक या डिजिटल पहुंच की अनुमति देने का अनुरोध किया था जो उनके पास हैं। लोकसभा में सरकार के जवाब को साझा करते हुए संचार प्रभारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा 'कल लोकसभा में आखिरकार सच्चाई सामने आ गई। क्या अब माफी मांगी जाएगी?'
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कोई दस्तावेज गायब नहीं
मामले में सोमवार 15 दिसंबर को सरकार ने संसद को सूचित किया कि इस साल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) से प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई भी दस्तावेज गायब नहीं है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में भाजपा सांसद संबित पात्रा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही।
सवालोंं पर क्या बोले मंत्री
मंत्री से संबित पात्रा ने पूछा था कि क्या पीएमएमएल ने संग्रहालय में उपलब्ध दस्तावेजों के वार्षिक ऑडिट के लिए कोई नीति बनाई है। इस पर शेखावत ने कहा, 'नहीं, प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में दस्तावेजों का कोई वार्षिक ऑडिट नहीं होता है।' साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या वर्ष 2025 में वार्षिक निरीक्षण के दौरान संग्रहालय से 'भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कुछ दस्तावेज गायब पाए गए हैं'।
इसके जवाब में मंत्री ने कहा, "साल 2025 में पीएमएमएल के वार्षिक निरीक्षण के दौरान संग्रहालय से भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित कोई दस्तावेज गायब नहीं पाया गया है।" इसके बाद जब मंत्री से यह पूछा गया कि क्या दस्तावेजों को संग्रहालय से 'अनुचित और अवैध रूप से हटाया गया' था, तो शेखावत ने कहा, "ऐसा सवाल ही नहीं उठता।" केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि साल 2025 में पीएमएमएल की वार्षिक आम बैठक में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से संबंधित दस्तावेजों की अनुपलब्धता के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया था'।