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इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के पीछे रेलवे की बड़ी लापरवाही, इस वजह से पटरी से उतरे 14 डिब्बे

Sun, 20 Nov 2016 06:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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रेल हादसा - फोटो : ANI
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यूपी के कानपुर में पटना-इंदौर एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे रेलवे की भारी लापरवाही सामने आई है। प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि पटरी की गड़बड़ी से नहीं बल्कि एस-1 बोगी में मैकेनिकल फॉल्ट के कारण एक-एक कर कुल 14 डिब्बे डिरेल हो गए।
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अगर रेलवे का संरक्षा विभाग ट्रेनों की बोगियों की मरम्मत को लेकर संजीदा रहता तो इतनी बड़ी दुर्घटना न होती। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने मेंबर रोलिंग स्टाफ से हादसे के लिए जिम्मेदार बोगी के तकनीकी कारणों की और मेंबर इंजीनियरिंग को पटरियों की हालत की जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है। ताकि पता चल सके किस वजह से ट्रेन हादसा हुआ।

यात्री की शिकायत सुनते तो नहीं जाती 150 की जान
सबसे पहले पटना-इंदौर एक्सप्रेस की एस-1 बोगी पटरी से उतरी। इस बोगी में सफर कर रहे एक यात्री को काफी समय से तेज झटका लगता महसूस हो रहा था। उसने झांसी स्टेशन पर शिकायत भी दर्ज कराई। मगर न तो स्टेशन मास्टर ने और न ही गार्ड ने इस पर ध्यान दिया। ट्रेन उसी हालत में आगे बढ़ गई, और नतीजा बडे़ हादसे के रूप में सामने आया। अगर यात्री की शिकायत सुनकर तत्काल बोगी की मरम्मत होती तो दुर्घटना को रोका जा सकता है।
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पटरियां नहीं हैं हादसे का कारण

- फोटो : amar ujala
पटरियां नहीं हैं हादसे का कारण
रेलवे सूत्रों का कहना है कि अभी इतनी ठंड नहीं हो रही है कि पटरियों के सिकुड़ने से डिब्बों के उतरने की नौबत आ जाए। अब तो फिश प्लेट की जगह नई टेक्नोलॉजी भी इस्तेमाल में आ गई है। ऐसे में पटरियों की गड़बड़ी के कारण कानपुर के पुखरायन इलाके में हादसे की आशंका कम ही है।

यह हो सकती है वजह
ट्रेन की बोगियों की देखरेख करने वाले मेंबर रोलिंग स्टॉक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अगर हादसा पटरियों की फॉल्ट से नहीं हुआ है तो फिर बोगियों के मैकेनिकल फॉल्ट से हुआ होगा। मसलन बोगी का एक्सल टूटा होगा या फिर पहिए फॉल्ट का शिकार हुए होंगे। या फिर बेयरिंग सीज होने से टूट गई होगी।

रेलवे ने मैकेनिकल फॉल्ट ढूंढने के लिए बैठाई जांच
रेलवे की पूरी व्यवस्था चलाने के लिए सात सदस्यीय शीर्ष कमेटी होती है। जिसे रेलवे बोर्ड के नाम से जानते हैं। इस बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ट्रेन के हादसे के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर दी है। 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।  रोलिंग स्टॉक घटनास्थल पर पहुंच चुका है और कानपुर तथा झांसी के बीच ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की छानबीन शुरू हो गई है।
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