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NEET UG: पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा; कोचिंग सेंटर और डॉक्टर की भूमिका जांच के घेरे में, अब तक 13 गिरफ्तार

Wed, 27 May 2026 11:12 AM IST
रिया दुबे नई दिल्ली, पीटीआई

सार

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे के फिजिक्स शिक्षक तेजस शाह को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपी छात्रों तक लीक प्रश्न पहुंचाने की साजिश में शामिल थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें महाराष्ट्र के लातूर का एक डॉक्टर और पुणे के एक कोचिंग संस्थान का फिजिक्स शिक्षक शामिल है। एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने और छात्रों तक पहुंचाने की साजिश में शामिल थे।

जांच में क्या आया सामने?

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टर मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उसने तीन छात्रों को नीट के केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। इनमें रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर का बेटा भी शामिल था। जांच में सामने आया है कि यह प्रश्न नीट के पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से हासिल किए गए थे।

अब तक कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?

इस मामले में RCC संचालक शिवराज मोटेगांवकर को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और छात्रों तक प्रश्नपत्र किस तरह पहुंचाया गया।
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एजेंसी ने पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, शाह को फिजिक्स के लीक प्रश्न पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से मिले थे।

इन दोनों गिरफ्तारियों के बाद नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई का कहना है कि मामले की साजिश और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच लगातार जारी है।
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एजेंसी ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इन छापों में कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच भी कर रही हैं ताकि पेपर लीक की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।

बता दें कि 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में आ गई थी। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस मामले ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
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