केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेणुका केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई अधिकारियों ने दोपहर में शहर के शिवनगर इलाके में आरसीसी कार्यालय पर जांच शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने आरसीसी के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर से उनके घर पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी, जो उसी इलाके में स्थित है।
पिछले चार दिनों से लातूर में सीबीआई
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी को शक है कि लातूर के कुछ डॉक्टरों ने कथित 'लीक' हुआ नीट परीक्षा पेपर खरीदा था। सीबीआई की एक टीम पिछले चार दिनों से लातूर में ही डेरा डाले हुए है और लगातार जांच कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और तीन मई को हुई परीक्षा के कथित पेपर लीक की जांच के लिए विशेष दल बनाए हैं।
देश के 551 शहरों में आयोजित की गई थी परीक्षा
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
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सीबीआई को सौंपी गई थी जांच
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, सात मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जो परीक्षा के चार दिन बाद प्राप्त हुई। इसके बाद यह जानकारी अगले दिन सुबह केंद्रीय एजेंसियों को स्वतंत्र जांच के लिए भेज दी गई थी।
सीबीआई इस मामले में अब तक महाराष्ट्र से कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को एजेंसी ने पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को भी गिरफ्तार किया, जो एनटीए की पेपर सेटिंग कमेटी की सदस्य थीं। यह गिरफ्तारी दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ के बाद की गई।