पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि 70 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है। उनके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस को संयम बरतने के निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को नीट पेपर लीक प्रदर्शन में पत्रकारों पर हुए हमलें की निंदा की। उन्होंने हाल ही में पारित गुंडा अधिनियम के तहत उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
जल्द कार्रवाई की दी आश्वासन
पुलिस को क्या आदेश दिया गया था?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य न्यायिक समिति के एक स्वघोषित सदस्य द्वारा घोषित 'संयुक्त कॉकरोज मार्च के बैनर तले, वामपंथी और अति-वामपंथी संगठनों ने शुक्रवार को एक रैली आयोजित की। मुख्यमंत्री ने कहा, 'एक लोकतांत्रिक देश में, कोई भी व्यक्ति कानून का पालन करते हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को स्थापित कर सकता है।' उन्होंने कहा कि पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि जब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए, तब तक कोई कार्रवाई न की जाए।
कोलकाता पुलिस को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उपद्रवी चाहते थे कि पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर बल प्रयोग करे और स्थिति को नियंत्रण से बाहर होने दे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें ऐसा अवसर नहीं दिया। अधिकारी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल हुए छह पत्रकारों का सरकारी अस्पतालों में इलाज किया गया, जबकि कई अन्य को मामूली चोटें आईं।
पांच उपद्रवियों कौन हैं?
मुख्यमंत्री ने पांच उपद्रवियों के नाम लिए - राजबागान के अफरोज, किडरपुर के नाहेद, इकबालपुर के तनवीर और निजाम और वाटगंज के राहुल जमाल, जो कथित तौर पर एस्प्लेनेड में नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को हुए हंगामे में शामिल थे।