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नीट प्रदर्शन: 'छात्र हमारी पहली प्राथमिकता', एफआईआर रद्द होने पर बोले नड्डा, फैसले के बाद सीजेपी ने क्या कहा

Tue, 01 Sep 2026 04:44 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने का वादा पूरा किया जा रहा है। वहीं, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट की तैयारी के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों से माफी मांगते हुए इसे सरकार की नाकामी बताया। 
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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नीट विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का अपना वादा पूरा किया है। वहीं, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट की तैयारी के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों से माफी मांगते हुए कहा कि सरकार की नाकामी के कारण बच्चों को जान गंवानी पड़ी।

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमने भारत सरकार की ओर से भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, हमने भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की और अब हम उस वादे को पूरा कर रहे हैं। हम सीजेपी के प्रवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 सितंबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हैं। युवाओं की प्रगति और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

'सरकार की नाकामी थी, जिस वजह से आपके बच्चों को जान गंवानी पड़ी'
उच्चतम न्यायालय के फैसले पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट की तैयारी कर रहे छात्रों की मौत को लेकर उनके परिवारों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, "नीट की तैयारी कर रहे जिन बच्चों की जान गई, उनके परिवारों से सबसे पहले माफी मांगना चाहता हूं। आप लोगों के बच्चों को हम बचा नहीं सके। यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती। आप लोगों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। जो भी हुआ, गलत हुआ। मैं आकांक्षा, प्रदीप, रिया के पिता से मिला हूं। हमें अफसोस है कि आपने अपने बच्चों को खो दिया। इन बच्चों ने काफी मेहनत की, ईमानदारी से पढ़ाई की। सरकार की नाकामी थी, जिस वजह से आपके बच्चों को जान गंवानी पड़ी।"
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कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रदर्शन स्थल पर कथित अपराधियों की मौजूदगी और मुआवजे को लेकर सरकार के साथ हुई बातचीत के बारे में कहा, "दिल्ली पुलिस को फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। हमने सरकार के साथ बातचीत में तर्क दिया कि अगर ये 2,800 कुख्यात अपराधी सच में वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे।

 सीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि दूसरी बात, अगर उन्होंने विरोध वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे रेप, हत्या या कोई और गंभीर अपराध, तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में पहचाने गए लगभग 2,800 कुख्यात अपराधियों की जांच के लिए एक अलग, नई एफआईआर दर्ज की जाए। वह मामला अब सुलझ गया है...हमने सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने कहे कि सम्मानजनक राशि का मुआवज़ा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे परिवारों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया और कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी। 

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