मेडिकल और डेंटल कोर्स की एकल सामान्य परीक्षा के लिए लाया गया महत्वपूर्ण विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पारित हो गया। सरकार ने कहा है कि निजी विद्यालय भी इसके अंतर्गत आएंगे।
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भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2016 और द डेंटिस्ट (संशोधन) विधेयक, 2016 ने राष्ट्रीय प्रवेश पात्रता परीक्षा (नीट) को संविधानिक दर्जा दे दिया है। यह विधेयक भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 और दंत चिकित्सा अधिनियम, 1948 में बदलाव करेगी।
इसके साथ ही यह सर्वोच्च न्यायालय के इसी सत्र से नीट को लागू करने के आदेश के खिलाफ लाए गए अध्यादेश का स्थान लेगी। संसद में विचार करने और पारित करने के लिए इसे पेश करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इस विधेयक को लाने के तीन उद्देश्य हैं। ये तीन उद्देश्यों में परीक्षा के कई चरणों को खत्म करना, सही व पारदर्शी परीक्षा और गैर-शोषक प्रक्रिया अपनाना शामिल है।