पंजाब नेशनल बैंक से 13 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी नीरव मोदी इस समय ब्रिटेन में है। ब्रिटिश अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। वह ब्रिटेन से राजनीतिक शरण पाना चाहता है। हालांकि, ब्रिटेन नीरव मोदी मामले में भारत सरकार की मदद को तैयार है। इस बीच सीबीआई ने इंटरपोल से नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है।
ब्रिटिश मंत्री बी. विलियम्स और गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू की पिछले दिनों दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान मौजूद रहे एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने नीरव की ब्रिटेन में मौजूदगी की बात मानी है। ब्रिटेन ने नीरव मोदी और विजय माल्या को भारत लाने में पूरा सहयोग करने का भरोसा भी दिलाया है। रिजिजू ने भी बैठक के बाद कहा था कि दोनों पक्षों के बीच आतंकवाद और चरमपंथ के साथ ही प्रत्यर्पण और सूचनाएं साझा करने पर सहमति बनी है।
ब्रिटेन को तीन अनुरोध पत्र भेज चुका है भारत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग मार्च और अप्रैल में यूके सेंट्रल अथॉरिटी को तीन अनुरोध पत्र (एलआर) भेज चुके हैं। यूके सेंट्रल अथॉरिटी ने इन एलआर को गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (एसएफओ) को भेज दिया। साथ ही एसएफओ से कहा कि ईडी के एलआर पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसएफओ और ईडी के बीच बातचीत चल रही है।
नीरव खुद को बता रहा राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार
ब्रिटिश अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में मौजूद नीरव खुद को राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार बताकर ब्रिटेन से राजनीतिक शरण पाना चाहता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय एजेंसियां नीरव के प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटी हैं। इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जा चुका है। भारत सरकार लंदन में मौजूद भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या का भी प्रत्यर्पण चाहती है। माल्या ने भारतीय बैंकों से 9 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले रखा है।
इंटरपोल जल्द जारी करेगा रेड कॉर्नर नोटिस
नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के सीबीआई के आग्रह पर इंटरपोल जल्द ही फैसला ले सकता है। अगर नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो जाता है तो अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग एजेंसी के सभी सदस्य देश उसे गिरफ्तार कर भारत को सौंप सकते हैं। पीएनबी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने से पहले ही नीरव देश छोड़कर भाग गया था।