देश ने हर बार की तरह धूमधाम से विजयादशमी मनाई। लेकिन ज्यादातर हिस्सों में एक चीज की कमी रही वह था नीलकंठ पक्षी। नीलकंठ को दशहरा के दिन देखना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जिस दिन भगवान राम का लंकापति रावण से युद्ध था तब राम ने नीलकंठ को देखा था। तब से लोग दशहरा पर नीलकंठ को देखने की चाहत रखते हैं।
दशहरा पर दोस्तों-परिवार को बधाई देते हुए लोग मैसेज में नीलकंठ की तस्वीर जरूर भेज रहे थे लेकिन सामने से देखना ज्यादातर को नसीब नहीं हुआ। नीलकंठ शिव का भी नाम है। उत्तर भारत में तो इसको देखकर एक गाना भी गाया जाता है। इसमें कहते हैं 'नीलकंठ तुम नीले रहियो, दूध भात का भोज करियो, हमारी बात राम से कहियो।'
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यूपी के बिजनौर में पहले नीलकंठ काफी आसानी से दिख जाते थे। लेकिन इस दशहरा पर ऐसा नहीं हुआ।