विधि आयोग का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने के लिए नई ईवीएम और वीवीपैट खरीदने होंगे। इसके लिए 4,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत पड़ेगी। आयोग ने एकसाथ चुनाव कराने को लेकर पिछले सप्ताह जारी मसौदा रिपोर्ट में बताया है कि लोकसभा चुनाव, 2019 के लिए देशभर में 10,60,000 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एकसाथ चुनाव के लिए फिलहाल 12.9 लाख बैलेट यूनिट, 9.4 लाख कंट्रोल यूनिट और करीब 12.3 लाख वीवीपैट कम हैं। एक बैलेट यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट और एक वीवीपैट से लैस ईवीएम की कीमत 33,200 रुपये है। लिहाजा, एकसाथ चुनाव के लिए ईवीएम खरीदने पर 4,555 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
आयोग ने बताया कि एक ईवीएम 15 साल तक इस्तेमाल की जा सकती है। ऐसे में 2024 के चुनाव एकसाथ कराने पर 1751.17 करोड़ और 2029 में 2017.93 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, 2034 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने के लिए ईवीएम खरीद पर 13981.58 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, खर्च की गणना प्रचलित दरों के आधार पर की गई है। एकसाथ चुनाव कराने पर हर पोलिंग स्टेशन के लिए अतिरिक्त ईवीएम और चुनाव सामग्री के अलावा कोई अन्य खर्च नहीं होगा। हालांकि, बड़े पोलिंग स्टेशनों पर अतिरिक्त ईवीएम के मद्देनजर पोलिंग स्टाफ की ज्यादा जरूरत होगी।