नोटबंदी के बाद आयकर विभाग कालाधन रखने वालों के खिलाफ सख्त हो गया है। आयकर विभाग ने ऐसे 67.54 लाख अतिरिक्त लोगों को पकड़ा है जिन्होंने उच्च मूल्य के सौदे किए हैं, लेकिन 2014-15 में आयकर रिटर्न नहीं जमा किया है।
गैर-करदाता निगरानी प्रणाली (एनएमएस) के लिए सीबीडीटी ने प्रयास किया था, जो अब पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है। यह आयकर विभाग की एक निति निर्माण बॉडी है, जो कि उन लोगों पर नजर रखती है जो टैक्स देने योग्य होने के बावजूद इसे अदा नहीं करते हैं।
सीबीडीटी ने अपने एक बयान में कहा है कि आयकर विभाग ने डाटा साइकिल के लिए पांच चक्रों में एक परिक्षण किया था। इसमें 67.54 लाख ऐसे लोग मिले हैं जो जिन्होंने वित्तिय वर्ष 2014-15 में उच्च मूल्य में लेन-देन किया, लेकिन उसका टैक्स नहीं जमा किया।
बयान में कहा गया है कि सरकार ने सभी कर दाताओं से आग्रह किया है कि वे वास्तविक आमदनी का खुलासा और उसी के अनुरूप टैक्स जमा करें। इसके बावजूद कुछ लोगों ने इसमें सहयोग नहीं किया। इसे देखते हुए आयकर विभाग ने अपने अभियान को आगे बढ़ाता रहेगा जिससे अधिक मूल्य के लेन-देन करने वाले सभी लोग कवर न हो जाएं।