बाढ़ से बचाव के लिए देशभर में एनडीआरएफ की 90 टीम तैनात
- फोटो : amar ujala
बाढ़ से बचाव के लिए राष्ट्रीय आपदा बचाव दल ने देशभर में 90 से ज्यादा बचाव टीमों को तैनात किया है। इन टीमों का कोविड-19 महामारी के कारण ज्यादा ध्यान लोगों और सामान की संक्रमण मुक्ति पर केंद्रित होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तरी ब्लॉक में अपने कार्यालय में देश में मानसून की बारिश और बाढ़ के संबंध में तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को जान-माल का नुकसान रोकने के लिए अच्छी तरह से योजना बनाने के निर्देश दिए। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने जानकारी दी कि बाढ़ से बचाव के लिए देशभर में 90 से अधिक टीम तैनात की गई हैं।
बाढ़ बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की एक टीम में करीब 45 कर्मी होते हैं और यह उपकरणों तथा नौकाओं से लैस होती हैं।महानिदेशक ने बताया कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को देखते हुए बचाव कार्य और बचावकर्ताओं के लिए कुछ नई रणनीतियां बनाई गई हैं।
एस एन प्रधान ने बताया कि लोगों और सामान को संक्रमण से मुक्त रखने, स्वच्छता पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने और रोकथाम और सुरक्षा संबंधी सवाधानियां बरतने के साथ एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ ने राज्यों के मुख्य सचिवों और विशेष राहत आयुक्तों को पत्र लिखकर शारीरिक दूरी, संक्रमणमुक्ति और स्वच्छता से संबंधित कोविड-19 दिशा-निर्देशों के मद्देनजर बचाव दलों और कर्मियों के लिए पर्याप्त स्थान की मांग की है।
इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीमों के पास तापमान मापने के उपकरण, मास्क, सैनिटाइजर और आधारभूत चिकित्सा किट भी होंगी। पिछले महीने पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान के दौरान काम करने वाले एनडीआरएफ के करीब 60 कर्मी बचाव कार्यों के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे।
अधिकारी ने बताया कि अब उन बचावकर्ताओं में से सभी लोग संक्रमण के खतरे से बाहर हैं और ठीक हो चुके हैं। महानिदेशक ने कहा कि एकीकृत आपदा नियंत्रण कक्ष बनाएं जाएंगे और सभी टीमों तथा उनके काम की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी जैसी कि दिल्ली में एनडीआरएफ के मुख्यालय से की जाती है।