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हादसे का असर: किसी को पानी की जगह दिख रहा खून तो किसी की मर गई भूख; रेस्क्यू में लगे लोगों की ऐसी है हालत

Tue, 06 Jun 2023 05:32 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के इतिहास के सबसे बड़े रेल हादसे में शुमार इस दुर्घटना में बचाव अभियान में नौ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया था। इसमें कम से कम 278 लोग मारे गए थे और 900 से अधिक घायल हुए थे। 
 
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ओडिशा ट्रेन हादसे का एनडीआरएफ कर्मियों पर पड़ा है गंभीर असर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओडिशा के बालासोर जिले में हाल ही में हुए भयावह ट्रेन हादसे में कई जिंदगियां मौत के  आगोश में चली गई। इस हादसे के बाद कई ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं जो दिल दहला देने वाली हैं। इस हादसे में कई लोगों ने अपनों को खो दिया। हादसे के चश्मदीदों ने वहां के डरा देने वाला मंजर बयां किया था। अब एनडीआरएफ के डीजी ने कुछ ऐसा बताया है जो बेहद हैरान कर देने वाला है। उन्होंने बताया है कि दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान में लगाए गए एनडीआरएफ कर्मियों की हालत बेहद खराब है। उन्हें पानी की जगह खून दिखाई दे रहा है। वहीं, कई कर्मियों ने बताया है कि इस हादसे के खौफनाक मंजर देखने के बाद उन्हें भूख लगना बंद हो गई है। एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल ने बताया कि उन कर्मियों की काउंसलिंग कराई जा रही है।

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भारत के इतिहास की सबसे बड़े रेल हादसे में शुमार इस दुर्घटना में बचाव अभियान में नौ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया था। इसमें कम से कम 278 लोग मारे गए थे और 1100 से अधिक घायल हुए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ ने 44 पीड़ितों को बचाया और 121 शवों को बरामद किया है। 

ऐसी हो गई है बचाव अभियान में लगे कर्मियों की हालत
डिजास्टर रिस्पॉन्स के लिए कैपिसिटी बिल्डिंग विषय पर वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बल के महानिदेशक करवाल ने कहा कि मैं बालासोर ट्रेन दुर्घटना के बाद बचाव अभियान में शामिल अपने कर्मियों से मिला। उनसे वार्ता के दौरान किसी ने मुझे बताया कि जब भी वह पानी देखते हैं तो उन्हें खून का भ्रम होता है। वहीं, एक अन्य ने कहा कि इस बचाव अभियान के बाद उनकी भूख ही मर गई है। उनका खाना खाने का भी मन नहीं होता।
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कराई जा रही काउंसलिंग
एनडीआरएफ के महानिदेशक ने आगे कहा कि बल ने बचाव और राहत अभियान से लौटने पर अपने कर्मियों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श और मानसिक स्थिरता पाठ्यक्रम शुरू किया है। ऐसे काउंसलिंग सेशन हमारे कर्मियों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से उन कर्मियों के लिए जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान चलाते हैं। बीते साल से अब तक इस बारे में कराए गए विशेष अभ्यास के बाद अनुमानित 18,000 कर्मियों में से लगभग 95 प्रतिशत बचावकर्मी फिट पाए गए। 

शुक्रवार को हुआ था हादसा
ओडिशा के बालासोर के शुक्रवार को बहनागा बाजार में ट्रेन हादसा हो गया था। रेल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 278 हो गई है। वहीं, 1100 लोग घायल हुए हैं। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालातों का जायजा लेने खुद ओडिशा पहुंचे थे। पीएम ने घायलों और मृतकों के परिजनों से बात की थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है और सीबीआई हादसे की जांच कर रही है। 

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