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कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस साफ: भाजपा बोली- डीके इट्स डन ब्रो; सीएम शिवकुमार ने कहा- जनता ने दिया संदेश

सार

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन ने दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी चार सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया। इस जीत पर भाजपा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तंज कसते हुए ‘डीके, इट्स डन ब्रो’ पोस्ट किया। शिवकुमार ने हार स्वीकार कर नतीजों की समीक्षा की बात कही।
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कर्नाटक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस साफ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर सीधा निशाना साधता। भाजपा ने कहा, 'डी.के इट्स डन ब्रो'। दरअसल, भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) ने कर्नाटक विधान परिषद के चुनावों में दो ग्रेजुएट और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 4-0 से ऐतिहासिक जीत हासिल की।
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क्या है इट्स डन ब्रो वाला पोस्ट? 
यह अंदाज अभिनेता सलमान खान के उस मशहूर पोस्ट की याद दिलाता है, जो उन्होंने युवाओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान 'सोनम, इट्स डन ब्रो' लिखकर किया था। उस समय इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी व्यंग्य और राजनीतिक मीम्स बने थे।

भाजपा ने क्या लिखा?
इंटरनेट के इसी वायरल ट्रेंड का सहारा लेते हुए, भाजपा ने इस जुमले का इस्तेमाल सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का मजाक उड़ाने के लिए किया, क्योंकि कांग्रेस को परिषद की चारों सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा ने लिखा, 'डीके, इट्स डन ब्रो। एमएलसी चुनावों में एनडीए ने शिक्षकों और स्नातकों के सभी 4 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की है!'
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ये चुनाव 19 जिलों में हुए, जो कर्नाटक के लगभग दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं। इनमें पूर्व सीएम सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गृह जिले भी शामिल हैं। स्नातकों और शिक्षकों, दोनों तरह की सीटों पर जीत से भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन को एक मजबूत नैरेटिव मिला है कि पढ़े-लिखे पेशेवर, शिक्षक और युवा स्नातक, सत्ताधारी डीके शिवकुमार प्रशासन के बजाय एनडीए का समर्थन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हार पर क्या कहा? 
इस हार पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी समझदार मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश को सम्मान के साथ स्वीकार करती है। इसके साथ ही कहा कि पार्टी नतीजों की गहन समीक्षा करेगी और सुधार के कदम उठाएगी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, शिवकुमार ने कहा कि पार्टी को एक या दो सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाताओं द्वारा दिए गए संदेश का बारीकी से आकलन करेगी और अपनी कमियों को दूर करने के लिए काम करेगी।

एनडीए नेताओं ने इस जीत को कैसे देखा? 
एनडीए नेताओं ने इस संयुक्त चुनावी जीत को एक निर्णायक कदम और 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए एक 'ट्रेलर' के रूप में पेश किया है। जेडी(एस) के प्रदेश युवा अध्यक्ष निखिल कुमार ने भी इस नतीजे को दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में "ऐतिहासिक 4/4 क्लीन स्वीप" करार दिया। कांग्रेस सरकार पर सरकारी तंत्र और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए, कुमार ने लिखा, 'कर्नाटक विधान परिषद चुनावों (2 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) में एनडीए की ऐतिहासिक 4/4 क्लीन स्वीप।'

कुमार ने इस नतीजे को बैलेट पेपर के जरिए मिला जनादेश बताया। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। इसके साथ ही कहा कि यह जमीनी हकीकत को दिखाती है। उन्होंने एनडीए की इस संयुक्त जीत को 2028 के विधानसभा चुनावों का 'ट्रेलर' भी बताया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा?
वहीं, कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी और विधान परिषद चुनावों में एनडीए की जीत का जश्न मनाते हुए एक पोस्टर साझा किया। पोस्टर पर संदेश था, 'कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए को हार्दिक बधाई।' और विजयी उम्मीदवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।
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