केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न केवल दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है, बल्कि भारत और भारतीयों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब भी है। उन्होंने हिंदी में X पर लिखा, 'ऑपरेशन सिंदूर न केवल दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है, बल्कि भारत और भारतीयों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब भी है। भारतीय सशस्त्र बलों और सुरक्षा बलों के इस उल्लेखनीय पराक्रम पर पूरे देश को गर्व है।'
अमित शाह मंगलवार को भारत के सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री रहने वाले व्यक्ति बन गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात का जिक्र किया और अमित शाह की जमकर तारीफ की।
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आडवाणी और गोविंद बल्लभ पंत के कार्यकाल से आगे निकले
30 मई, 2019 को कार्यभार संभालने के बाद से 2,258 दिनों तक पद पर रहने के साथ शाह ने अब वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। शाह का कार्यकाल कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद बल्लभ पंत के कार्यकाल से भी आगे निकल गया है। संयोग से शाह ने यह उपलब्धि 5 अगस्त को हासिल की, जिस दिन उन्होंने 2019 में संसद में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की घोषणा की थी।
30 मई, 2019 से गृह मंत्री के रूप में कार्यरत
इससे पहले भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी 2,256 दिनों (19 मार्च, 1998 से 22 मई, 2004 तक) तक इस पद पर रहे थे। वहीं, अमित शाह 30 मई, 2019 से गृह मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और 4 अगस्त, 2025 तक उन्होंने 2,258 दिन पूरे कर लिए। गोविंद बल्लभ पंत ने 10 जनवरी, 1955 से 7 मार्च, 1961 तक (कुल 6 वर्ष और 56 दिन) गृह मंत्री के रूप में कार्य किया।
गुजरात के गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके
शाह 30 मई, 2019 को देश के गृह मंत्री बने और 9 जून, 2024 तक इस पद पर रहे। वे 10 जून, 2024 को फिर से गृह मंत्री बने और वर्तमान में कार्यरत हैं। गृह मंत्रालय के अलावा वह देश के पहले सहकारिता मंत्री भी हैं। इसके अलावा अमित शाह गुजरात के गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।