West Bengal: टीएमसी नेताओं ने एनसीडब्ल्यू पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग मालदा और मुर्शिदाबाद में महिलाओं से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा रहा है। उन्होंने इसे 'संदेशखाली स्क्रिप्ट' की पुनरावृत्ति बताया और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) पर निशाना साधा और इसे भाजपा की महिला शाखा करार दिया। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचने के बाद टीएमसी नेता ने आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया।
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पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ पार्टी ने आरोप लगाया कि एनसीडब्ल्यू 'संदेशखाली स्क्रिप्ट'(यानी पहले की तरह एक साजिश) को दोहरा रही है और महिलाओं से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, ताकि झूठे आरोप गढ़े जा सकें। एनसीडब्ल्यू की ओर इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, एनसीडब्ल्यू को आखिरी बार संदेशखाली में देखा गया था, जहां उसने महिलाओं से झूठे दुष्कर्म के आरोपों के लिए कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। अब ये लोग मालदा और मुर्शिदाबाद पहुंच गए हैं। क्या अब और भी कोरे कागज आने वाले हैं? उन्होंने आगे लिखा, एनसीडब्ल्यू की ससदस्य अर्चना मजूमदार ने 2021 में भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गई थीं। क्या हमें भाजपा की महिला शाखा, क्षमा करें, एनसीडब्ल्यू से निष्पक्ष रिपोर्ट की उम्मीद करनी चाहिए?
टीएमसी की लोकसभा सांसद डोला सेन ने भी इसी तरह का बयान दिया। उन्होंने कहा, जब एनसीडब्ल्यू ने पिछली बार बंगाल का दौरा किया था, तो उसने भाजपा के कहने पर संदेशखाली की महिलाओं को दुष्कर्म के झूठे आरोपों के लिए कोरे कागजो पर हस्ताक्षर करने को मजबूर किया। अब ये मालदा और मुर्शिदाबाद की ओर बढ़ गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, कलम तैयार है। आदेश आ चुका है। श्वेतपत्र 2.0 तैयार किया जा रहा है। भाजपा-आरएसएस ने मसौदा बनाया है। महिलाओं से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर क्यों करवाए जा रहे हैं? हमें इसका जवाब चाहिए।
रहाटकर सहित एनसीडब्ल्यू की एक टीम वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से प्रभावित इलाकों मालदा और मुर्शिदाबाद का तीन दिवसीय दौरा कर रही हैं। रहाटकर ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाना चाहिए, ताकि दंगा प्रभावित लोगों की तकलीफों को दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि एनसीडब्ल्यू की ओर से एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी जाएगी और उसकी प्रतियां राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी भेजी जाएंगी।