टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक स्थित बीपीओ यूनिट में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। अब इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने सीधी दखल दी है। आयोग ने स्पेशल फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है जो 17 अप्रैल को नासिक जाकर जमीनी हकीकत की जांच करेगी।
कॉर्पोरेट जगत की दिग्गज कंपनी टीसीएस के नासिक बीपीओ सेंटर से जुड़ी खबरों ने कंपनी की साख और महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां की महिला कर्मचारियों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद डरावने हैं। मामला इतना गंभीर हो गया है कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।
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एनसीडब्ल्यू की टीम करेगी जांच
बुधवार को जारी एक बयान में महिला आयोग ने बताया कि उन्होंने इस मामले की तह तक जाने के लिए एक 'फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी' यानी तथ्य अन्वेषण समिति का गठन किया है। यह टीम 17 अप्रैल को सीधे नासिक स्थित टीसीएस के ऑफिस पहुंचेगी। आयोग का कहना है कि वे वहां केवल कागजी खानापूर्ति नहीं करेंगे, बल्कि मौके पर जाकर उन हालातों को समझेंगे जिनकी वजह से ऐसी घटनाएं हुईं। टीम यह भी देखेगी कि जब यह सब हो रहा था, तब कंपनी के प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन का रवैया कैसा था?
सिर्फ उत्पीड़न नहीं, धर्मांतरण के भी आरोप
शुरुआत में यह मामला सिर्फ धार्मिक प्रथाओं से जुड़ी एक शिकायत के तौर पर सामने आया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चौंकाने वाले खुलासे हुए। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि बड़े पदों पर बैठे कुछ लोगों ने उनका यौन उत्पीड़न किया और बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, महिलाओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने और डराने-धमकाने के भी गंभीर दावे किए गए हैं।
इस समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
महिला आयोग ने अनुभवी लोगों को इस टीम में शामिल किया है। इस, समिति की कमान बॉम्बे हाईकोर्ट की सेवानिवृत जस्टिस साधना जाधव संभाल रही हैं। उनके साथ हरियाणा के पूर्व डीजीपी बीके सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा और एनसीडब्ल्यू की वरिष्ठ समन्वयक लीलाबती भी नासिक जाएंगी। यह टीम पीड़ितों, पुलिस अधिकारियों और कंपनी के बड़े अधिकारियों से आमने-सामने बात करेगी।
10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
महिला आयोग ने इस समिति को काम पूरा करने के लिए सिर्फ 10 दिनों का समय दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग केंद्र और राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेगा। समिति का एक मुख्य काम यह भी है कि वे ऐसे सुझाव दें जिससे भविष्य में किसी भी दफ्तर में महिलाओं के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो। फिलहाल, नासिक पुलिस ने इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं और जांच जारी है।