राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) अब से पत्रकारों के खिलाफ होने वाले अपराधों का भी वार्षिक आंकड़ा तैयार करेगी। इस साल से शुरू होने वाले इन आंकड़ों में हत्या, हत्या का प्रयास, हमला और धमकी जैसे मामले शामिल किए जाएंगे।
भारतीय प्रेस क्लब (पीसीआई) के प्रमुख गौतम लाहिड़ी को पत्र लिखते हुए
गृह मंत्रालय ने कहा कि
एनसीआरबी अब तक मासिक अपराध आंकड़ों के माध्यम से मीडिया के लोगों पर हो रहे हमले के आंकड़ों को एकत्रित कर रहा है, जिनमें पंजीकृत मामलों और गिरफ्तार व्यक्तियों को शामिल किया गया है। वहीं, ब्यूरो अब एक संशोधित प्रोफार्मा के माध्यम से पत्रकारों के खिलाफ होने वाले अपराधों हत्या, हत्या का प्रयास, हमला, धमकी आदि के मामले के आंकड़ों को एकत्रित करेगा।
इसमें दर्ज किए जा चुके मामले, उन मामलों में गिरफ्तारी और निपटाए जा चुके मामलों को शामिल किया जाएगा। पिछले साल 27 अक्तूबर को पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से ऐसी मांग की थी जिसके बाद यह निर्णय सामने आया है।