नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश का नंबर आता है। रिपोर्ट के अनुसार 2017 में देशभर में 8129 लोगों ने आत्महत्या की थी। जिसमें 1488 लोग महाराष्ट्र और 968 लोग मध्यप्रदेश से थे।
मध्यप्रदेश में 707 महिलाओं ने आत्महत्या की जबकि पुरुषों की संख्या 262 है। वहीं महाराष्ट्र में 537 पुरुषों ने तो 951 महिलाओं ने आत्महत्या की। 2016 में भी महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की थी। वहीं महाराष्ट्र की 768 और मध्यप्रदेश की 565 महिलाओं ने अपने हाथों से अपनी जिंदगी को खत्म कर लिया।
साल 2017 में मध्यप्रदेश में 59 लोगों ने आत्महत्या के गंभीर प्रयास किए लेकिन समझाने के बाद उनकी जान बचा ली गई। एनसीआरबी के अनुसार मध्यप्रदेश में क्रूड (असफल) आत्महत्या की दर 1.2 प्रतिशत है जो देश में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश पुसिस ने 2017 में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 1020 लोगों को गिरफ्तार किया लेकिन आत्महत्या की कोशिश में असफल रहने वाले किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं होने का कारण किसानों की आत्महत्या भी है। मध्यप्रदेश में साल 2017 में दो बार किसान आंदोलन हुए। किसान आंदोलन के दौरान ही चर्चित मंदसौर गोलीकांड 6 जून, 2017 को हुआ था।
देश के इन छह राज्यों में सबसे ज्यादा लोगों ने आत्महत्या की
- महाराष्ट्र में 1488 लोगों ने आत्महत्या जबकि 246 ने आत्महत्या की कोशिश की
- मध्यप्रदेश में 968 लोगों ने आत्महत्या जबकि 59 ने आत्महत्या की कोशिश की
- आंध्रप्रदेश में 707 लोगों ने आत्महत्या जबकि 376 ने आत्महत्या की कोशिश की
- तेलंगाना में 664 लोगों ने आत्महत्या जबकि 177 ने आत्महत्या की कोशिश की 177
- उत्तरप्रदेश में 625 लोगों ने आत्महत्या जबकि 33 ने आत्महत्या की कोशिश की
- प. बंगाल में 580 लोगों ने आत्महत्या जबकि किसी ने भी आत्महत्या की कोशिश नहीं की