स्वच्छ भारत अभियान के तहत उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इलाहाबाद मंडल में शुक्रवार को पहली बार किसी इंजन में बायो-डीजल मिश्रित तेल का इस्तेमाल हुआ। इसके इस्तेमाल से काफी हद तक प्रदूषण कम होगा। जंक्शन पर इसकी शुरुआत गोदान एक्सप्रेस से हुई। इसे डीआरएम इलाहाबाद ने हरी झंडी दिखाकर शुक्रवार की शाम रवाना किया।
मोदी सरकार बनने के बाद रेल मंत्रालय ने प्रदूषण कम करने के लिए बायो डीजल का इस्तेमाल करने के प्रयास में तेजी लाई है। बायो डीजल के लिए जैट्रोफा नाम के पौधे का इस्तेमाल रेलवे ने किया। देश के अन्य जोनल रेलवे के बाद एनसीआर के इलाहाबाद मंडल ने इसका प्रयोग पहली बार शुक्रवार को किया। इलाहाबाद पहुंची गाड़ी संख्या 11056 गोदान एक्सप्रेस में यहां से इंजन नंबर 40245/डीपी 4डी लगाया गया।
शाम पांच बजे डीआरएम एसके पंकज ने एडीआरएम एके द्विवेदी, मनीषा गोयल, एके सिंह, शिव सिंह, राजाराम राजपूत आदि अफसरों की मौजूदगी में गोदान एक्सप्रेस में लगे इस इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीआरएम ने जंक्शन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने जंक्शन पर लगने वाले लगेज स्कैनर के सिविल लाइंस और सिटी साइड के स्थान को देखा। सिटी साइड स्थित पार्किंग को देखने के बाद उन्होंने पोर्टिको में लगे इंजन के पास फव्वारे को चालू करने का निर्देश अफसरों को दिया।