आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें नहीं पढ़ाने को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और आईसीएसई बोर्ड में ठन गई है। आईसीएसई बोर्ड चलाने वाली संस्था भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) को आयोग ने नोटिस जारी किया है। आयोग ने बोर्ड के प्रमुख को 14 अगस्त को पेश होने का नोटिस दिया है।
एनसीईआरटी का सिलेबस जरूरी
आयोग के सीनियर अधिकारी के मुताबिक आयोग ने पिछली 18 जुलाई को सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी और सेक्रेटरी गैरी एराथून को नोटिस जारी करके कहा था कि वह अपने बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस अनिवार्य कराएं। बोर्ड की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर आयोग को समन का आदेश जारी करना पड़ा। आयोग ने उन्हें 14 अगस्त की सुबह 11 बजे सभी संबंधित रिकॉर्ड/दस्तावेज के साथ पेश होने को कहा है।
देशभर में भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) से संबद्ध तकरीबन 2120 स्कूल हैं, साथ ही विदेश में संबद्ध स्कूलों की संख्या 988 है। वहीं सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की संख्या तकरीबन 17,093 है।
पेरेंट्स पर बढ़ रहा था आर्थिक बोझ
आयोग के सूत्रों का कहना है कि उनके पास लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनमें एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की अनिवार्यता न होने से आईसीएसई बोर्ड के कई मान्यता प्राप्त स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाई जा रही हैं। जिसके चलते बच्चों और पेरेंट्स पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। साथ ही उन्हें अतिरिक्त मानसिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है।