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असम के बाल गृह को संदिग्ध एनजीओ से मिले पैसे, अलकायदा से संबंधों को लेकर हो रही जांच 

Sat, 26 Dec 2020 01:00 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को कहा कि उसे असम और मणिपुर में छह बाल गृहों की ओर से धन का दुरुपयोग किए जाने की जानकारी मिली है। मरकज उल मारिफ नाम की संस्था के तत्वाधान में चल रहे एक बाल गृह को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय एनजीओ से पैसे मिले हैं जिसकी जांच अलकायदा से कथित संबंधों को लेकर हो रही है।

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आयोग ने कहा कि उसके निरीक्षण दल की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इन बाल गृहों में 778 बच्चे रह रहे हैं। लोकसभा सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने इन बाल गृहों की स्थापना की थी। लोकसभा की वेबसाइट पर दिए गए उनके परिचय में कहा गया है कि इन बाल गृहों में 1,010 बच्चे हैं। अजमल की ओर से इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

बाल आयोग ने कहा कि मरकजुल मारिफ की वेबसाइट पर कहा गया है कि 1080 बच्चे इन बाल गृहों में हैं। ऐसे में वेबसाइट पर उपलब्ध संख्या और निरीक्षण दल को इन बाल गृहों द्वारा बताई गई संख्या में अंतर है। इस अंतर की जांच करना और 300 बच्चों के बारे में स्थिति का पता करना जरूरी है।
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आयोग के मुताबिक, निरीक्षण दल ने यह भी सूचित किया है कि इन बाल गृहों में से एक को अंतरराष्ट्रीय एनजीओ आईएचएच से पैसे मिले हैं।

आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की से ताल्लुक रखने वाले इस एनजीओ के पदाधिकारियों से वहां के प्रशासन ने अलकायदा से इसके कथित संबंधों को लेकर पूछताछ की थी।

एनसीपीसीआर ने यह भी कहा कि वह इसको भी लेकर चिंतित है कि बच्चों के बारे में विवरण अंतरराष्ट्रीय एनजीओ को मुहैया कराया गया होगा। आयोग की रिपोर्ट असम और मणिपुर की सरकारों को सौंपी गई है।
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