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बाल आयोग ने किया 'साइबर ट्रिविया' मोबाइल एप लॉन्च, बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं साइबर अपराध से लड़ना

Tue, 25 Sep 2018 09:58 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऑनलाइन गेम्स (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स से बच्चों को बचाने के लिए राष्ट्रीय बाल आयोग अब मोबाइल एप की सहायता लेगा। आयोग ने बच्चों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए एक मोबाइल एप लॉन्च किया है।
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गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें एप

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने बताया कि आयोग ने 'साइबर ट्रिविया' मोबाइल एप को गूगल प्ले स्टोर पर लॉन्च किया है। इस एप में सवाल-जवाब की पूरी सीरीज बनाई गई है, जिसमें तकरीबन 150 वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) सवाल हैं। इस एप को 10 साल से ऊपर के बच्चों के लिए बनाया गया है।

बच्चों को सिखाएगा अहम बातें

इस एप को साइबर पीस फाउंडेशन की मदद से बनाया गया है। जैन ने बताया कि एप में सवालों के सही जवाब देने पर बच्चों को रिवॉर्ड्स प्वाइंट्स मिलेंगे। उनका कहना है कि इस एप के जरिए बच्चे खेल-खेल में इंटरनेट पर बच्चों के साथ होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जागरूक हो सकेंगे। जैसे एप में एक सवाल है कि अगर कोई अजनबी इंटरनेट पर उनकी फोटो मांगता है या कुछ करने के लिए कहता है, तो वे क्या करेंगे?
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माता-पिता से स्मार्ट हो गए बच्चे

बाल आयोग के सदस्य जैन के मुताबिक हाल के दिनों में ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे कई ऑनलाइन गेम आए हैं, जिससे बच्चों में आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि आजकल के बच्चे अपने माता-पिता से भी ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं। लेकिन वे साइबर दुनिया के खतरों के बारे में ठीक से परिचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस एप से उन्हें ऑनलाइन गेम्स के खतरों के बारे में जानकारी मिलेगी।

तीन विभागों ने राज्यों को जारी की थी एडवाइजरी

गौरतलब है कि पिछले दिनों मानव संसाधन मंत्रालय, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मिलकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की थी। जिसमें इस गेम को वायरल होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए कहा गया था। अजमेर, सिलिगुड़ी और कोलकाता में बच्चों के आत्महत्या के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया था।
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