कारा के निदेशक को लिखे पत्र में बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली शीर्ष संस्था ने कहा कि वह बच्चों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने यूरोपीय महाद्वीप का देश माल्टा में गोद लेने के बाद छोड़े गए तीन भारतीय बच्चों के प्रति लापरवाह रवैये के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) पर निशाना साधा है।
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कारा के निदेशक को लिखे पत्र में बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली शीर्ष संस्था ने कहा कि वह बच्चों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।
पत्र में कहा गया है, एनसीपीसीआर ने आपके कार्यालयों से उन बच्चों का विवरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया था, जिन्हें माल्टा में दत्तक माता-पिता द्वारा छोड़ दिया गया था। आयोग को आपकी ओर से एक जवाब मिला, जिसमें यह जिक्र किया गया है कि माल्टा के सरकारी विभाग से बच्चों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए संपर्क किया गया। क्या उन्हें भारत से गोद लिया गया था।
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आयोग ने कहा कि उसने पाया है कि कारा ने इस मामले में लापरवाह रवैया अपनाया है। इसलिए, आयोग आपके कार्यालयों से अपेक्षा करता है कि वे वर्ष 2017 के बाद से गोद लेने के लिए माल्टा भेजे गए बच्चों के सभी विवरण प्रस्तुत करें, साथ ही तीन दिनों की अवधि के भीतर उनकी अनुवर्ती (फॉलो-अप) रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।