एनसीपीसीआर ने सोशल मीडिया वेबसाइट से पूछा सवाल
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने लॉकडाउन के दौरान देशभर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में हुए इजाफे पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए गूगल, फेसबुक और ट्विटर को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
एनसीपीसीआर ने सोशल मीडिया वेबसाइट से पूछा कि आखिर पोर्नोग्राफी से निपटने के लिए किस तरह की पॉलिसी का पालन कर रहे हैं। इसके साथ ही गूगल और फेसबुक को पोर्नोग्राफी मटेरियल से जुड़ी शिकायतों की जानकारी भी देने को कहा गया है।
एक स्टडी में खुलासा हुआ था कि लॉकडाउन के दौरान चाइल्ड पोर्नोग्राफी सर्फिंग के मामलों में 95 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसमें चाइल्ड लाइन ने बाल अधिकारों का हवाला देकर ऑनलाइन पोर्नोग्राफी की उपलब्धता की स्वतंत्र जांच कराने के लिए कहा है।
इसमें कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से यह सामग्री बच्चों, वयस्कों तक पहुंच सकती है जो कि गंभीर मसला है। इस तरह एप पर अश्लीलता का उपलब्ध होना समाज के लिहाज से भी चिंता का विषय है।