राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शनिवार को केंद्र और राज्यों से पूछा है कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर में बच्चों को बचाने के लिए उनकी क्या तैयारियां हैं? आयोग ने सरकारों से बाल चिकित्सा सुविधाओं और बिस्तरों की उपलब्धता, नवजातों के लिए एंबुलेंस और बच्चों के इलाज के लिए प्रोटोकॉल के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।
आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राज्य सरकारों की तैयारियों पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने कहा, हमने सभी राज्यों से बच्चों और नवजातों के लिए आईसीयू, उपकरण, डॉक्टर और नर्स के बारे में जानकारी मांगी है। यह भी पूछा है कि ये उपकरण काम कर रहे हैं या नहीं और बिस्तर व ऑक्सीजन की उपलब्धता कितनी है।
आयोग ने आईसीएमआर से बच्चों के इलाज के लिए प्रोटोकॉल भी बताने को कहा है। आईसीएमआर को लिखे पत्र में कानूनगो ने कहा, विशेषज्ञ देश में महामारी की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं और यह बच्चों पर भी असर डालेगी। यह पत्र 20 मई को लिखा गया था।