वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व में शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की बैठक हुई, जिसमें पार्टी के नेताओं को राज्य में संभागवार जिम्मेदारियां सौपी गई। पवार ने बैठक में पार्टी के नेताओं से राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा करने को कहा और उनसे सत्ता में सौ दिन पूरे करने वाली देवेंद्र फडणवीस सरकार के कामकाज पर नजर रखने को कहा।
'अनिल देशमुख और राजेंद्र शिंगणे को विदर्भ की जिम्मेदारी'
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के लोकसभा सांस्द अमोल कोल्हे ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि (पार्टी के) नेताओं को विभिन्न संभागों की जिम्मेदारियां दी गई हैं। विदर्भ की जिम्मेदारी अनिल देशमुख और राजेंद्र शिंगणे को दी गई है, जबकि मराठवाड़ा की जिम्मेदारी राजेश टोपे और जयप्रकाश दांडेगांवकर को दी गई है।
राज्य का दौरा करेंगे राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता
उन्होंने कहा, शशिकांत शिंदे और हर्षवर्धन पाटिल पश्चिमी महाराष्ट्र की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि कोंकण की जिम्मेदारी सुनील भुसारा और जितेंद्र आव्हाड को दी गई है। पार्टी नेता 7-8 मार्च से राज्य का दौरा करेंगे और तालुका स्तर पर बैठकें करेंगे ताकि पार्टी संगठन को मजबूत किया जा सके। कोल्हे ने कहा कि बढ़ती बिजली दरें और महिलाओं के खिलाफ अपराध और अत्याचारों में वृद्धि को उजागर किया जाएगा।
महायुति में असंतोष और एकजुटता की कमी: अमोल कोल्हे
उन्होंने कहा, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ठीक काम कर रही है। महायुति गठबंधन में असंतोष और एकजुटता की कमी को उजाकर किया जाना चाहिए। हमने देखा है कि गृह राज्य मंत्री ने पुणे दुष्कर्म मामले पर बचकाने बयान दिए हैं। वह मंत्री योगेश कदम के गुरुवार को दिए बयान का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि एमएसआरटीसी के स्वारगेट डिपो में खड़ी बस में हुए अपराध के बारे में लोगों को सतर्क नहीं किया गया, क्योंकि वहां 'कोई संघर्ष या बल प्रयोग नहीं हुआ' था।
'ओएसडी और कर्मचारियों की नियुक्ति की शक्ति नहीं'
कोल्हे ने दावा किया कि मंत्रियों के पास ओएसडी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की शक्तियां नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी महा विकास अघाड़ी को नहीं छोड़ेगा और कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस संबंध में झूठी कहानी फैला रहा है, ताकि राज्य के सामने आने वाले मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।
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