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GBS Cases: 'शहरी नियोजन की विफलता और प्रदूषण जीबीएस के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार', सुप्रिया सुले का दावा

Thu, 30 Jan 2025 11:59 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सुप्रिया सुले ने पुणे में दूषित पानी के चलते फैल रहे जीबीएस को एक दुर्लभ बीमारी बताते हुए हुए इसके फैलने के पीछे वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने जीबीएस के बढ़ते मामलों के लिए शहरी नियोजन की विफलता और बढ़ते प्रदूषण जिम्मेदार है।
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सुप्रिया सुले - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पुणे और उसके आस-पास के इलाकों में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के बढ़ते ममले राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय है। इसी बीच शरद पवार गुट की एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने जीबीएस के बढ़ते मामले के लिए पुणे नगर निगम की विफलता पर जोर देते हुए प्रशासन की आलोचना की। बता दें कि जीबीएस एक दुर्लभ बीमारी के तौर पर सामने आई है, जो अचानक सुन्नता, मांसपेशियों की कमजोरी और अंगों में गंभीर कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा करती है। 
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पुणे में जीबीएस के 127 संदिग्ध की पुष्टि
उन्होंने कहा कि शहर में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के बढ़ते मामलों के लिए शहरी नियोजन की विफलता और बढ़ते प्रदूषण जिम्मेदार है। साथ ही सुले ने जीबीएस को एक दुर्लभ बीमारी बताते हुए इसके फैलने के पीछे वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बता दें कि बुधवार तक राज्य में 127 संदिग्ध जीबीएस के मरीज पाए गए हैं। वहीं पुणे में एक 56 वर्षीय महिला और सोलापुर में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की जीबीएस से मौत भी हो गई है। 

सुले ने फडणनवीस सरकार से की मांग
लोकसभा सदस्य सुले ने महाराष्ट्र सरकार से जीबीएस के मरीजों का सारा चिकित्सा खर्च सरकार देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि निराधार प्रबंधन के कारण यह बीमारी फैल रही है। सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि इस समस्या को लेकर वे पुणे नगर निगम और राज्य सरकार को पत्र लिखेंगी।
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उन्होंने कहा कि जीबीएस का फैलाव शहरी नियोजन की विफलता का परिणाम है और प्रदूषण के कारण बीमारियों में वृद्धि हो रही है, इसलिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। साथ ही सुले ने नगर निगम द्वारा बुनियादी ढांचे की कमी के बावजूद नई इमारतों और परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने की भी आलोचना की। 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में बारामती का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद सुले पुणे के सिंहगढ़ रोड क्षेत्र के नांदेड़ गांव स्थित एक कुएं का दौरा करने गईं, जहां से दूषित पानी की आपूर्ति होने का संदेह जताया जा रहा है। साथ ही इसी दूषित जल को जीबीएस के मामलों में वृद्धि का कारण भी बताया जा रहा है।  

राज्य सरकार की ध्यान देने की मांग
एनसीपी (एसपी) के कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि जीबीएस के बढ़ते मामलों के पीछे वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नदियां और बांध प्रदूषित हो रहे हैं और सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

सरकार के सहयोग के लिए तैयार 
साथ ही सुले ने यह भी कहा कि हालांकि हम विपक्ष में हैं, लेकिन हम इन मुद्दों पर सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि आम लोगों को सिर्फ सरकार की निराधार नीतियों के कारण परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

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