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Sharad Pawar Press Conference: राकांपा प्रमुख ने कांग्रेस के दावे को किया खारिज, कहा- नहीं मिला BJP से कोई ऑफर

Wed, 16 Aug 2023 03:44 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

उन्होंने कहा कि I.N.D.I.A. की अगली बैठक मुंबई में होगी। हम भाजपा से लड़ने के लिए सफल रणनीति बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मनाने का फैसला गलत था। भाजपा लोगों में दरार पैदा करना चाहती है और लोगों को धर्म, समुदाय के आधार पर बांट रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकारों को अस्थिर कर रही है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सरकारों को अस्थिर किया गया गया।
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राकांपा प्रमुख शरद पवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र की सियासी गहमागहमी के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सुप्रीमो को शरद पवार ने बुधवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भाजपा के साथ जाने या फिर किसी भी तरह के ऑफर की बात को भी सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। इसके बजाय वे 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश में बदलाव लाने की दिशा में काम करेंगे।

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कांग्रेस के दावे को किया खारिज
शरद पवार ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राकांपा प्रमुख या उनकी बेटी सुप्रिया सुले में से किसी एक को भाजपा से कैबिनेट मंत्री पद का प्रस्ताव मिला है। चव्हाण ने दावा किया था कि भाजपा के ऑफर के लिए अजित और शरद के बीच गुप्त बैठक हुई थी। 

उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज करने कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) उनके नेतृत्व वाले राकांपा के गुट के बिना 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए प्लान बी पर काम कर रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (शरद पवार गुट) विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दल हैं।
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अजित के साथ मुलाकात पर भी बोले 
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भतीजे अजित पवार के साथ पुणे में पिछले सप्ताह हुई अपनी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा, 'वह मेरे परिवार के सदस्य हैं। यदि हमारे परिवार में किसी समारोह की योजना बनाई जाती है, तो स्वाभाविक रूप से उस समय मुझसे परामर्श किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि अजित के साथ बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की गई। उन्हें कोई पेशकश भी नहीं की गई।

भाजपा के साथ कभी नहीं जाऊंगा: पवार
राकांपा अध्यक्ष ने कहा, 'मैं भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा। देश में लोगों के बीच फैली अशांति को दूर करने के लिए हमें 2024 में बदलाव लाना होगा। हम इस बदलाव को लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।' पुणे में व्यवसायी अतुल चोरडिया के आवास पर 12 अगस्त को चाचा-भतीजे के बीच हुई बैठक के बाद कई अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

'लोगों के बीच दरार पैदा करना चाहती भाजपा'
उन्होंने कहा कि I.N.D.I.A. की अगली बैठक मुंबई में होगी। हम भाजपा से लड़ने के लिए सफल रणनीति बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मनाने का सरकार का फैसला गलत था। भाजपा लोगों में दरार पैदा करना चाहती है और लोगों को धर्म, समुदाय के आधार पर बांट रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकारों को अस्थिर कर रही है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सरकारों को अस्थिर किया गया गया। इसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना ही होगा।

बागियों को चेतावनी भी दी
उन्होंने कहा कि जो लोग अतीत में मेरा साथ छोड़ गए, उन्हें दोबारा चुनाव का टिकट नहीं मिला। अजित पवार के गुट वाली राकांपा द्वारा अपनी तस्वीर के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को लेकर अदालत का रुख करने की तैयारी कर रहे हैं।

पार्टी के चुनाव चिह्न खोने की आशंका जताई
शरद पवार ने उनके गुट को पार्टी का चुनाव चिह्न खोने काे खतरे को लेकर भी बात की। उन्होंने इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग को अपना जवाब भेज दिया है। उन्होंने कहा, 'मैंने निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब दे दिया है। शिवसेना को लेकर जो फैसला आया है, उसे देखते हुए हमारी पार्टी का चुनाव चिह्न (घड़ी) खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। मुझे चुनाव चिह्न की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि मैंने बैल की जोड़ी, गाय और बछड़ा जैसे कई चिह्नों पर चुनाव लड़ा है और जीता भी हूं।



मणिपुर मामले पर केंद्र को घेरा
शरद पवार ने मणिपुर के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मोदी मणिपुर में स्थिति को इतना महत्वपूर्ण नहीं मानते हैं कि उस राज्य का दौरा किया जाए। मोदी सरकार मणिपुर में हो रही घटनाओं पर चुप है। पूर्वोत्तर क्षेत्र संवेदनशील है और देश के लिए काफी अहम भी। चीन की सीमा से लगे इलाकों पर सरकार को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

पीएम मोदी पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में जो कुछ हो रहा है या करवाया जा रहा है, वह देश के लिए बेहद खतरनाक है। मणिपुर इसका उदाहरण है। मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी संसद के बाहर बोले। अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का लंबा जवाब दिया, लेकिन उसमें मणिपुर ज्यादा नहीं बोले। पीएम मोदी को पूर्वोत्तर जाकर लोगों को आश्वस्त करना चाहिए, लेकिन उन्होंने इसे जरूरी नहीं समझा। इसके बजाय चुनावी सभाओं को संबोधित करने को प्राथमिकता दी।

नवाब मलिक को लेकर कही यह बात
शरद पवार ने नवाब मलिक को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सहयोगी और पूर्व मंत्री नवाब मलिक के साथ अन्याय हुआ है। मैंने उनसे से बात की है। बिना किसी कारण के लंबे समय तक जेल में रखकर उनके साथ अन्याय किया गया है।

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