एनसीपी के दो विधायकों के बयान ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एनसीपी विधायकों के बयान से अजीत पवार के भाजपा में शामिल होने वाले अटकलों को हवा मिल गई है। सोमवार को एनसीपी के दो विधायकों ने कहा कि वह अपने नेता अजीत पवार के प्रति ईमानदार हैं, वह कोई भी निर्णय लें, हम उनके साथ हैं।
नरेंद्र मोदी की जीत को करिश्मे का श्रेय दिया
एक विधायक मणिकराव कोकटे ने कहा कि अगर विधानसभा में अजीत पवार भाजपा से हाथ मिलाते हैं, तो एनसीपी के अधिकांश विधायक उनके साथ चले जाएंगे। अजीत पवार से जुड़ी अटकलें तब सामने आईं, जब अजीत ने अचानक अपनी बैठकें रद्द कर दीं। इसके अलावा उनकी कुछ टिप्पणियां भी भाजपा और शिंदे सरकार के प्रति नरम दिखाई दिए। अप्रैल की शुरुआत में पवार ने नरेंद्र मोदी की जीत को करिश्मे का श्रेय दिया। पवार ने कहा कि उनके लिए महंगाई और रोजगार पीएम की डिग्री से ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। हालांकि, पवार ने भाजपा में शामिल होने और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने की अटकलों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
एनसीपी के अधिकतर विधायक साथ खड़े हैं
वहीं, दूसरे विधायक अन्ना बंसोडे ने कहा कि नवंबर 2019 में जब अजित पवार ने बीजेपी के साथ सरकार बनाने की कोशिश की थी तब भी मैं पवार के साथ था। मैं उस वक्त भी उनके प्रति इमानदार था और आज भी मैं उनके प्रति वफादार हूं। अजीत भविष्य में जो भी फैसला लेंगे, उसमें मैं उनके साथ हूं। मेरे अलावा एनसीपी के अधिकतर विधायक उनके साथ खड़े हैं। अन्ना का कहना है कि विधानसभा में पवार के अलावा और कोई नेता नहीं है, जो सरकार चला सके, इसलिए राकांपा के अधिकांश विधायक उनके साथ चले जाएंगे।
बंसोडे ने कार्यक्रम में कहा था कि अजीत पवार ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है, जिसमें सभी शामिल होंगे। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही एनसीपी ने मीटिंग वाले बयान को खारिज कर दिया।