महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को स्थानीय लोगों द्वारा बाघों की हत्या किए जाने के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। बहस के दौरान एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) विधायक चर्चिल अलेमाओ ने कहा कि गाय को मारने के लिए इंसानों को सजा दी जाती है, तो इसी तरह से गायों को मारने के लिए बाघों को भी सजा मिलनी चाहिए। पिछले महीने महादयी वन्यजीव अभयारण्य में एक बाघिन तथा उसके तीन शावकों को पांच स्थानीय लोगों ने मार डाला था।
विपक्ष के नेता दिगंबर कामत ने बुधवार को यह मुद्दा विधानसभा सत्र के दौरान सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जब इंसान गोमांस खाता है, तो उसे सजा दी जाती है। उसी तरह से बाघ के किसी गाय को खाने पर उसे क्या सजा देनी चाहिए? अलेमाओ ने कहा कि जहां तक वन्यजीवों की बात है, बाघ महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उसी तरह मानवजाति के लिए गाय महत्वपूर्ण है।
विधायक ने कहा कि पूरे प्रकरण में मानवीय दृष्टिकोण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि स्थानीय लोगों के पशुओं पर हमला करने की वजह से उन्होंने बाघों को मार डाला। उन्होंने कहा कि उन किसानों को तीन से चार दिनों में मुआवजा दिया जाएगा, जिनके मवेशी मारे गए है।