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अजित पवार के निधन के बाद NCP में हलचल: सुनेत्रा को कैबिनेट में शामिल करने की मांग; शरद गुट विलय के पक्ष में

Thu, 29 Jan 2026 06:50 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, मुंबई

सार

अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के नेताओं ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने और उन्हें नेतृत्व की भूमिका देने की मांग उठाई है। वहीं, विपक्षी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने दोनों गुटों के संभावित विलय पर बातचीत के संकेत देकर सियासी समीकरणों को नया मोड़ दिया है। आइए पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।
 
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अजित पवार का अंतिम संस्कार - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के एक दिन बाद गुरुवार को उनकी पार्टी के नेताओं ने सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग उठाई है। इसी बीच विपक्षी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने संकेत दिए कि वह दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के विलय की बातचीत को आगे बढ़ाने के खिलाफ नहीं है।

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सुनेत्रा पवार को नेतृत्व सौंपने की मांग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  के कुछ नेताओं ने यह भी सुझाव दिया कि सुनेत्रा पवार को आगे आकर पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। बता दें कि एनसीपी और भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। वरिष्ठ एनसीपी नेता और खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि यह जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना है कि दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य कैबिनेट में जगह दी जाए।

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'वहिनी' को मंत्री बनाने की अपील
एनसीपी नेता एवं महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री नरहरि झिरवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि जनता चाहती है कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य के मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। अजित पवार की राकांपा राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी शामिल हैं।
 
अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर झिरवाल ने कहा कि लोग चाहते हैं कि ‘वहिनी’ (यानी भाभी सुनेत्रा पवार) को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। अजित पवार के करीबी रहे झिरवाल ने बारामती में नेता के अंतिम संस्कार के बाद एक समाचार चैनल से कहा, हम इस बारे में नेतृत्व से बात करेंगे और फैसला लेंगे।राकांपा के दोनों गुटों के विलय के संबंध में पूछे गए सवाल पर झिरवाल ने कहा, दोनों गुट पहले से ही एक हैं। सभी को यह एहसास हो गया है कि बिखरे रहने का कोई फायदा नहीं है और एकजुट होना ही होगा।



विलय पर नरमी के संकेत
एनसीपी और विपक्षी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के संभावित विलय पर पूछे जाने पर झिरवाल ने कहा कि दोनों गुट पहले ही स्थानीय निकाय चुनावों में साथ आ चुके हैं। उन्होंने कहा, अब सभी को समझ में आ गया है कि बिखरे रहने का कोई मतलब नहीं है। हमें एकजुट रहना होगा।

पार्टी की विरासत आगे बढ़ाने की अपील
एनसीपी नेता और अजित पवार के विश्वासपात्र प्रमोद हिंदुराव ने कहा कि सुनेत्रा पवार को आगे आकर अपने पति की राजनीतिक विरासत को संभालना चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करना चाहिए। सुनेत्रा पवार ने 2024 का लोकसभा चुनाव एनसीपी के टिकट पर लड़ा था, लेकिन बारामती सीट से उन्हें  सुप्रिया सुले के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

विलय को लेकर कयास
इस बीच एनसीपी-शरद के महाराष्ट्र अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि अजित पवार स्वयं दोनों एनसीपी गुटों के विलय को लेकर सकारात्मक थे।उन्होंने बताया कि नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के बाद इस मुद्दे पर एक साथ बैठकर फैसला लेने की बात अजित पवार ने कही थी।

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शिंदे के अनुसार, विलय को लेकर प्रारंभिक बातचीत पहले ही हो चुकी है।उन्होंने कहा, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए गठबंधन पर चर्चा के दौरान अजित पवार ने कहा था कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बाद हम मिलकर विलय पर बात करेंगे।

परिवार और पार्टी को एकजुट रखने की इच्छा
शिंदे ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि दोनों गुट एक साथ आएं और पवार परिवार तथा पार्टी एकजुट रहे। अगर परिवार और पार्टी में सुलह की कोशिश होती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या एनसीपी(शरद) भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में शामिल होने को तैयार है, तो शिंदे ने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले विलय की कोशिशों का परिणाम देखा जाएगा, उसके बाद आगे की राजनीति पर चर्चा होगी।


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