फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: शरद पवार को भनक भी नहीं लगी और अजित ने बुला ली NCP की बैठक; महाराष्ट्र में ऐसे पलट गया खेल

Sun, 02 Jul 2023 02:12 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।

सार

यह बैठक इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि अजित पवार ने हाल ही में कहा था कि वह नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं और पार्टी संगठन के लिए काम करना चाहते हैं।
विज्ञापन
अजित पवार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने एक बार फिर पार्टी प्रमुख शरद पवार को झटका दे दिया है। उन्होंने रविवार को मुंबई में अपने आधिकारिक आवास पर पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों से मुलाकात की। जबकि, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पुणे में थे। शरद पवार ने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में अजीत पवार विधायकों की बैठक बुला सकते हैं।

विज्ञापन


यह बैठक इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि अजित पवार ने हाल ही में कहा था कि वह नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं और पार्टी संगठन के लिए काम करना चाहते हैं। अजित पवार के आधिकारिक आवास 'देवगिरि' पर हुई बैठक में एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले मौजूद थीं, जबकि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष जयंत पाटिल मौजूद नहीं थे।

बैठक में कुछ विधायक भी मौजूद थे। इस बीच, शरद पवार ने पुणे में पत्रकारों से कहा कि उन्हें मुंबई में होने वाली बैठक की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, छह जुलाई को मैंने वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है और इसमें पार्टी से जुड़े फैसलों पर चर्चा की जाएगी। एनसीपी प्रमुख ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर अजित पवार विधायकों की बैठक बुला सकते हैं।
विज्ञापन


कैसे पलट गया खेल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार ने रविवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने समर्थन को परखा। इसके बाद वे राजभवन पहुंच गए, जहां उनके साथ 40 और विधायकों के समर्थन का दावा किया गया। ऐसे में एनसीपी के कुल 53 विधायकों में से एक बड़ा हिस्सा अजित पवार के साथ चला गया है।

अजित पवार की इस बगावत के साथ ही एनसीपी को पार्टी के तौर पर भी बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, शिवसेना की तरह ही एनसीपी के भी अधिकतर विधायक एनडीए से जुड़ गए हैं। ऐसे में शरद पवार के पास बचे संख्याबल के असली एनसीपी के तौर पर पहचान बना पाना काफी मुश्किल हो सकता है। अगर अजित पवार एनसीपी पर दावा करते हैं तो शरद पवार के लिए सियासी चुनौती खड़ी हो सकती है और उनके नेतृत्व वाली एनसीपी के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें