राकांपा नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। उन्हें फिलहाल कुर्ला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। ईडी ने नवाब मलिक को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
इससे पहले दाउद इब्राहिम की संपत्तियों की खरीद फरोख्त व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार चल रहे एनसीपी नेता नवाब ने कोर्ट से कहा था कि ईडी के पास उनके उनके स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि वरिष्ठ राकंपा नेता नवाब मलिक मई से मुंबई के एक निजी अस्पताल में गुर्दे से संबंधित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे हैं। दरअसल, बीते सप्ताह ईडी ने विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंजाल्विस के माध्यम से विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष एक आवेदन दिया था। इसमें जांच एजेंसी ने नवाब मलिक के स्वास्थ्य की पुष्टि के लिए एक मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की गई थी।
फरवरी में हुए थे गिरफ्तार
62 साल के मलिक को फरवरी अंत में ईडी ने गिरफ्तार किया था। उन पर दाउद इब्राहिम की प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। वह अभी न्यायिक हिरासत में जेल में है। ईडी की टीम ने 23 फरवरी की सुबह करीब सात बजे उनके घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद ईडी उन्हें अपने साथ ले आई थी। करीब छह घंटे पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
करोड़ों की जमीन कौड़ियों की खरीद मामले में हुई थी गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मलिक की गिरफ्तारी के बाद पूरी कहानी का पर्दाफाश किया था। ईडी ने कोर्ट में बताया था कि, मंत्री नवाब मलिक ने कथित रूप से मुनिरा प्लंबर से 300 करोड़ रुपये का प्लाट कुछ लाख रुपये में एक कंपनी के जरिये हड़पा था। इस कंपनी का नाम सॉलिड्स इन्वेस्टमेंट प्रा.लि. है और कंपनी का मालिक मलिक परिवार है।