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Maharashtra: अमर उजाला से बोले NCP नेता अनिल देशमुख, चार राज्यों के साथ ही होंगे महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव

सार

Maharashtra: भाजपा ने महाराष्ट्र में बड़े नेताओं की रैलियों जनसभा और कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाविकास अघाड़ी गठबंधन के घटक दलों की शुरू हुई अचानक बैठकों से सियासी गलियारों में यही चर्चाएं हो रही हैं कि अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में चुनाव हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव की आहट पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अमर उजाला डॉट कॉम से मुंबई से विशेष बातचीत की...
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Maharashtra Politics: Anil Deshmukh - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
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बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक सियासी हलचल तेज हो गई है। बुधवार की देर शाम को महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बड़े घटक दल एनसीपी के प्रमुख नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसके अलावा सोमवार को कांग्रेस के विधायकों की भी एक बड़ी बैठक की गई। शिवसेना के बड़े नेता उद्धव ठाकरे ने एनसीपी के नेताओं से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों जुट जाने को कहा है। भाजपा ने महाराष्ट्र में बड़े नेताओं की रैलियों जनसभा और कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाविकास अघाड़ी गठबंधन के घटक दलों की शुरू हुई अचानक बैठकों से सियासी गलियारों में यही चर्चाएं हो रही हैं कि अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में चुनाव हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव की आहट पर महाविकास अघाड़ी के प्रमुख घटक दल एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी से मुंबई से विशेष बातचीत की।

सवाल: महाराष्ट्र में एक बार फिर से अचानक सियासी हलचल तेज हो गई है। आपकी पार्टी की एक बड़ी बैठक अभी संपन्न हुई है। क्या था उसका एजेंडा।

जवाब: हमारी पार्टी की जो बैठक हुई है, उसमें हम लोगों ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को किसी भी वक्त और कभी भी विधानसभा के चुनाव होने पर मजबूती से जमीन पर लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके अलावा और जो सियासी गठबंधन समेत दूसरी प्रमुख बातें थीं, उन्हें लेकर चर्चा की गई।

सवाल: क्या आपको लग रहा है कि विधानसभा चुनाव तय वक्त से पहले हो जाएंगे महाराष्ट्र में?

जवाब: देखिए, महाराष्ट्र में धोखे की सरकार तो चल ही रही है। लेकिन हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया यह सरकार अब कभी भी जा सकती है। इसलिए हमारी और हमारे महाविकास अघाड़ी गठबंधन के सभी दलों की तैयारियां किसी भी वक्त विधानसभा के चुनाव में जाने के लिए पूरी हैं। अब यह तो चुनाव आयोग को तय करना है कि विधानसभा के चुनाव कब होने हैं। महाराष्ट्र की सियासत इस वक्त अनिश्चितता के साथ चल रही है।

सवाल: विधानसभा चुनाव वक्त से पहले होंगे ऐसा किस आधार पर कहा जा सकता है। तय वक्त तो अगले साल है।

जवाब: देखिए सुप्रीम कोर्ट ने अब विधानसभा अध्यक्ष को 16 विधायकों की अयोग्यता के संदर्भ में फैसला लेने को कहा है। महाराष्ट्र की सियासत में हुए बड़े फेरबदल में जिन 16 विधायकों की पहले योग्यता को मंजूरी मिली थी, उसको तो सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने तो इस पूरे सियासी हलचल के दौरान की व्हिप को माना ही नहीं। यानी कि जो व्हिप पहले से चली आ रही थी वही मान्य है। ऐसे में सरकार का जाना तो तय है।

सवाल: क्या लग रहा है कि महाराष्ट्र में कब तक विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं?

जवाब: इसी साल के अंत में नवंबर-दिसंबर तक भी चुनाव हो सकते हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के साथ संभव है चुनाव आयोग महाराष्ट्र में भी चुनाव करा दे। लेकिन एक बात बिल्कुल तय है कि महाराष्ट्र में जब भी चुनाव हो, चाहे वह इस साल हो या अगले साल। महाराष्ट्र में चल रही है छल कपट की इस सरकार से यहां की जनता हिसाब किताब जरूर करेगी।

सवाल: एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना पुराने फार्मूले पर ही चुनाव लड़ेगी या कुछ नया फार्मूला तैयार होगा।

जवाब: हमारे नेता शरद पवार ने पहले ही यह बात स्पष्ट कर दिया है कि हमारा यह गठबंधन मजबूती के साथ चुनाव में उतरेगा। किस फॉर्मूले पर चुनाव लड़ा जाएगा, इसको लेकर न कोई विवाद था, न है और न ही रहेगा। आप सीटों के बंटवारे को लेकर जानना चाहते हैं तो मैं एक बात स्पष्ट कर दूं कि हमारे नेता शरद पवार का कहना है कि अगर कहीं पर किसी को दो कदम पीछे भी हटना पड़े, तो इस गठबंधन के लिए सभी लोग यह कदम उठाने को तैयार हैं। इसलिए नया फार्मूला और पुराना फॉर्मूला जैसा कुछ भी नहीं है।

सवाल: भाजपा की भी बड़ी बैठक हुई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी चुनावी माहौल का बिगुल बजा दिया है।

जवाब: भाजपा और सत्ता के लिए छल कपट करने वालों को इसका भुगतान तो करना ही पड़ेगा। भाजपा को पता है कि जिन महानगरपालिकाओं के चुनाव का जिक्र करके वह माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, दरअसल उनको भी अंदाजा है कि महाराष्ट्र की सियासत का ऊंट किस करवट बैठने जा रहा है। आप इस तरीके से समझिए कि महाराष्ट्र में ठीक वैसा ही माहौल है जैसा कर्नाटक में था।

सवाल: महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों की तैयारियों के साथ लोकसभा के चुनावों को लेकर भी शरद पवार बड़ी रणनीति बना रहे हैं। आप उसको कैसे देख रहे हैं?

जवाब: जो गठबंधन हमारा महाराष्ट्र में चल रहा है, वह गठबंधन सिर्फ विधानसभा ही नहीं लोकसभा के चुनावों में इसी तरीके से चलेगा। इसके अलावा एनसीपी के मुखिया शरद पवार जिस तरीके से सभी विपक्षी दलों को एकजुट करके लोकसभा के चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, उसमें भी सफलता मिलेगी। सीटों के बंटवारे की तो मिलजुल कर इस पर फैसला किया जाएगा। पहले भी कह चुका हूं कि हमारे नेता की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि गठबंधन को कायम रखना है। सीटों का बंटवारा प्राथमिकता में नहीं है। कुछ सीटों पर अगर गठबंधन के दलों को कहीं पैर पीछे खींचने पड़ते हैं तो वह भी किया जाएगा।

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