राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायक अमोल मितकारी ने शनिवार को वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के साथ गठबंधन की वकालत की। उन्होंने कहा कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए यदि दलित नेता प्रकाश अंबेडकर और एनसीपी नेता अजित पवार हाथ मिला लें तो राज्य में समीकरण बदल जाएंगे। मितकारी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब महायुति गठबंधन में अजित पवार को शामिल करने को लेकर आरएसएस और शिवसेना में असहमति के स्वर उभरे हैं।
विधान परिषद के सदस्य और एनसीपी प्रवक्ता मितकारी ने कहा, महायुति के नेताओं को एनसीपी नेताओं के कद को कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मुझे लगता है कि यदि प्रकाश अंबेडकर और अजित पवार हाथ मिला लेते हैं तो महाराष्ट्र में चीजें अलग होंगी। उन्होंने इस दौरान प्रकाश को बड़ा नेता (जो डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते हैं) और अजित को महत्वपूर्ण नेता बताया। हालांकि, उन्होंने अपनी इस टिप्पणी को निजी राय बताया।
भाजपा के साथ होने तक गठबंधन के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता: रेखा ठाकुर
दूसरी तरफ, एनसीपी विधायक मितकारी के बयान पर वीबीए की महाराष्ट्र इकाई प्रमुख रेखा ठाकुर ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से तब तक हाथ मिलाने के बारे में सोच भी नहीं सकती, जब तक वह भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।
अभी महायुति गठबंधन का हिस्सा है एनसीपी
बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी फिलहाल महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें शिवसेना और भाजपा शामिल हैं। वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले वीबीए और कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) की महा विकास अघाड़ी के बीच गठबंधन की बातचीत विफल हो गई थी।