देश में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है और बुधवार को इसे लेकर एक बार फिर 10 वें दौर की वार्ता होने वाली है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार 25 जनवरी को मुंबई के आजाद मैदान में कृषि कानूनों के विरोध में हिस्सा लेंगे। वहीं महाराष्ट्र सरकार भी इसका समर्थन करेगी। इसके बाद किसान राजभवन तक मार्च निकालेंगे।
वहीं इससे पहले किसान संगठनों ने भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया है। बता दें कि ट्रैक्टर मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है। लेकिन कोर्ट ने सुनवाई को 20 जनवरी तक के लिए टाल दिया है।
हालांकि आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में प्रवेश का सवाल कानून-व्यवस्था की विषय है और दिल्ली में कौन आएगा या नहीं, इसे दिल्ली पुलिस तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को क्या करना है और क्या नहीं करना है, यह कोर्ट नहीं तय करेगा।
कृषि मंत्री तोमर ने की ट्रैक्टर रैली नहीं निकालने की अपील
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारी किसान संगठन दसवें दौर की वार्ता में नए कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा अन्य विकल्पों पर चर्चा करेंगे और उनसे अपील की कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली नहीं निकालें।
बता दें कि 41 कृषि संगठनों के साथ दसवें दौर की वार्ता होने वाली है। अभी तक की वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है क्योंकि आंदोलनकारी किसान संगठन जहां कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं वहीं सरकार ने इस तरह का कदम उठाने से इंकार कर दिया है।