मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। भाजपा पर विधायकों के तोड़फोड़ के आरोप लग रहे हैं। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने सियासी कलह के महाराष्ट्र पहुंचने से पहले ही बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा का ऑपरेशन लोटस कामयाब नहीं होगा। राज्य की ठाकरे सरकार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
शिवसेना के मुखपत्र के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए साक्षात्कार में शरद पवार ने कहा कि भाजपा बिना शिवसेना के महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ सरकार बनाने के लिए प्रयत्नशील थी। लेकिन यह पेशकश एनसीपी की नहीं थी और न ही एनसीपी ने राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा से कभी कोई चर्चा हीं की।
शरद पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 2014 में भाजपा को बाहर से समर्थन देने की उनकी पेशकश एक ‘राजीतिक चाल’ थी, जिसका मकसद शिवसेना को भाजपा से दूर रखना था। पवार ने स्वीकार किया कि उन्होंने ‘भाजपा और शिवसेना के बीच दूरियां बढ़ाने के लिए’ यह कदम उठाया था।
पवार ने कहा कि पिछले साल के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा नेताओं ने राज्य में देवेंद्र फडणवीस सरकार को समर्थन देने के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि एनसीपी, भाजपा के साथ नहीं जाएगी और अगर संभव होगा तो वह शिवसेना के साथ सरकार बनाएगी या विपक्ष में बैठेगी।
साक्षात्कार में उद्धव ठाकरे की सरकार बनाने से लेकर बचाने तक के मुद्दे पर चर्चा होने के साथ ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के घर को लेकर हुए सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा कि प्रियंका गांधी का घर लेना सुसंस्कृति नहीं, ओछी राजनीति है।
राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा का विकल्प बनेगा विपक्ष
शरद पवार ने राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि फिलहाल, देश की राजनीति में भाजपा का वर्चस्व है। लेकिन, बिखरा हुआ विपक्ष भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती दे सकता है। विपक्ष को एकजुट करने के लिए वह खुद प्रयास करेंगे। पवार ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी जिसमें कुछ नीतियां भी तय की गई थी। लेकिन कोरोना संकट के चलते आगे चर्चा नहीं हो पाई। कोरोना संकट दूर होने पर संसद की कार्यवाही शुरू होते ही एक बार फिर विपक्ष एकजुट होगा और देश को भाजपा का विकल्प देने की कोशिश करेगा।
चाणक्य के पिताजी महाराष्ट्र में : सामना
सामना में शरद पवार को देश की राजनीति का पितामह कहा गया है। मुखपत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र की सरकार बनने के बाद सभी राजनीतिक चाणक्यों के आंकलन मिट्टी में मिल गए। तब एक सवाल दिल्ली में पूछा गया कि आज कल चाणक्य कहां है। इस पर जवाब था कि चाणक्य तो दिल्ली में हैं लेकिन चाणक्य के पिताजी महाराष्ट्र में हैं। ऐसे चाणक्य ने शिवसेना के मुखपत्र में जोरदार साक्षात्कार देकर देश की राजनीति में खलबली मचा दी है।