आयोग ने गुड़गांव में खुले में नमाज पढ़ने से रोकने के विवाद पर भी नोटिस जारी करते हुए हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी है। नोटिस पर हरियाणा सरकार ने 10 जनवरी, 2022 तक जवाब देने की बात कही है।
हाल ही में हरिद्वार और रायपुर में दिए गए भड़काऊ भाषण मामले पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने बुधवार को बताया कि इस मामले में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है। जनवरी के पहले हफ्ते में जवाब आने की उम्मीद है। इनके रिपोर्ट के आधार पर आयोग अगला कदम उठाएगी।
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उधर, आयोग ने गुड़गांव में खुले में नमाज पढ़ने से रोकने के विवाद पर भी नोटिस जारी करते हुए हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी है। नोटिस पर हरियाणा सरकार ने 10 जनवरी, 2022 तक जवाब देने की बात कही है। अपने बयान में एनसीएम ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में चर्च पर हमले के मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान (सू-मोटो) लेकर जांच टीम को घटनास्थल पर भेजा है। आयोग ने टीम को अंबाला का भी दौरा करने का निर्देश जारी किया है, जहां पर चर्च को क्षति पहुंचाई गई थी।
एनसीएम ने कहा कि आयोग तदनुसार उचित कार्रवाई करेगा। आयोग के अनुसार उसके अध्यक्ष अंबाला में उस जगह जा सकते हैं जहां हाल में एक चर्च में तोड़फोड़ की गयी थी। हरिद्वार और रायपुर में हाल में आयोजित धार्मिक आयोजनों में कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से घृणा भाषण दिए जाने का संज्ञान लिए जाने के बारे में एक प्रश्न पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हमने दोनों राज्यों को नोटिस भेजे हैं और रिपोर्ट मांगी है। उनका जवाब जनवरी के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।