एनसीएम के अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के किसी शहर से अपने देश के किसी दूसरे शहर जाने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान से यात्रा करता है तो उसे कृपाण रखने की मंजूरी मिलनी चाहिए।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुरोध किया है कि देश में उतरने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को घरेलू माना जाए और इनमें सवार होने वाले सिख यात्रियों को कृपाण ले जाने की मंजूरी दी जाए।
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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि अगर कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान दिल्ली आती है और फिर देश के किसी और शहर को जाती है तो दिल्ली से सवार होने वाले सिख व्यक्ति को कृपाण ले जाने की अनुमति नहीं मिलती है। जबकि घरेलू उड़ानों में इसकी अनुमति रहती है।
लालपुरा ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के किसी शहर से अपने देश के किसी दूसरे शहर जाने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान से यात्रा करता है तो उसे कृपाण रखने की मंजूरी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह भेदभाव हो रहा है और इससे सिख समुदाय को बहुत परेशानी होती है।
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उन्होंने इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग करते हुए 23 मई को नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक पत्र लिखा था। बता दें कि कृपाण सिख धर्म के पांच पवित्र प्रतीकों में से एक है।