राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) ने गुरुवार को पंजाब के होटलों, रेस्त्रां व खानपान के अन्य ठीयों को अहम सलाह दी है। आयोग ने कहा कि ये ग्राहकों को अनिवार्य रूप से बताएं कि वे उन्हें 'हलाल' या 'झटका' कौनसा मांस (meat) परोस रहे हैं।
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आयोग ने पंजाब सरकार से कहा कि वह इस सलाह का पालन कराएं, ताकि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार मीट को चुन सकें। एनसीएम के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने पंजाब के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी को लिखे पत्र में कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि पंजाब के होटल व रेस्त्रां सिर्फ हलाल मीट परोस रहे हैं। यह मांस सिख धर्म में प्रतिबंधित है। इसलिए राज्य के सभी होटलों और रेस्त्रां को मांस की श्रेणी का अनिवार्य रूप से खुलासा करने की सलाह दी जाना चाहिए। ताकि जनता उसे खाने से पहले अपना विकल्प चुन सके।
वध के दौरान हलाल रूप में संबंधित जानवरों को गले की नस को काटकर मार दिया जाता है और उन्हें तब तक छोड़ दिया जाता है जब तक कि खून पूरी तरह से बाहर न निकल जाए। वहीं, झटका तरीके से वध करने पर पशु को तुरंत मार दिया जाता है। आयोग के प्रमुख लालपुरा ने कहा कि इस मामले में पंजाब सरकार को त्वरित कार्रवाई करना चाहिए।