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Maharashtra: NCB ने पांच करोड़ की ड्रग्स के साथ दो लोगों को पकड़ा, नागपुर में चिकित्सक से 23 लाख की ठगी

सार

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनसीबी ने अभियान के तहत एक डार्कनेट-आधारित सिंडिकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। एमडीएमए टैबलेट्स, जिन्हें आमतौर पर एक्स्टसी पिल्स के रूप में जाना जाता है।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को 60 ग्राम एमडीएमए (125 टैबलेट्स) जब्त किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत पांच करोड़ रुपये बताई गई है। एनसीबी की टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। 
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अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनसीबी ने अभियान के तहत एक डार्कनेट-आधारित सिंडिकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। ड्रग्स की सप्लाई करने वाले दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए शख्स मुंबई में सक्रिय थे। इन्होंने एमडीएमए टैबलेट्स की खेप को नीदरलैंड और डार्कनेट बाजार के माध्यम से खरीदा था। एमडीएमए टैबलेट्स को आमतौर पर एक्स्टसी पिल्स के रूप में जाना जाता है।

ऑनलाइन खरीदी गई थी ड्रग्स
एनसीबी को मुंबई स्थित ड्रग्स सप्लायर नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद अलर्ट हुई टीम ने एन. साल्वी और एस. शुक्ला को ड्रग्स के साथ पकड़ा। ये मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में एमडीएमए की आपूर्ति कर रहे थे। इनके पास से जब्त की गई टैबलेट्स ऑनलाइन खरीदी गई। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि एमडीएमए और अन्य उच्च मूल्य वाली दवाएं मुख्य रूप से नीदरलैंड और यूरोपीय देशों से खरीदी जाती हैं। एनसीबी मुंबई आने वाले पार्सलों की भी जांच कर रही थी। 19 अप्रैल को एक पार्सल की पहचान की गई थी। जांच के दौरान पार्सल में एमडीएमए की 125 गोलियां पाई गईं। जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की गई। 
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हृदय रोग विशेषज्ञ से ठगे 23 लाख रुपये
ठाणे शहर के एक हृदय रोग विशेषज्ञ से महिला ने कथित तौर पर 23 लाख रुपये की ठगी की। महिला ने डॉक्टर को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शामिल कराने और बदले में पुरस्कार दिलाने का वादा किया। डॉक्टर की तहरीर पर वर्तक नगर थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अभी तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 

शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला से उसकी मुलाकात 2022 में फेसबुक के माध्यम से हुई। महिला ने एक केंद्रीय मंत्री की भतीजी होने का दावा किया और खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय के जनसंपर्क विभाग में कार्यरत बताया। उसने पीड़ित को पीएमओ में नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया। इसके अलावा महिला ने पीड़ित को व्यावसायिक कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में प्रस्तुति देने के अवसरों की व्यवस्था करने की भी पेशकश की। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि महिला ने उन्हें कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में  पुरस्कार दिलाने का वादा किया था। जिसकी एवज में कई बार करके उनसे 23 लाख रुपये की ठगी की गई। वादा पूरा न होने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। 

नागपुर में निजी कंपनी के कर्मचारी से 8.5 लाख रुपये  लूटे
महाराष्ट्र के नागपुर शहर में दो बदमाशों ने बंदूक की नोक पर एक निजी कंपनी के 47 वर्षीय कर्मचारी से 8.5 लाख रुपये की नगदी लूट ली। यह घटना अंबाझरी पुलिस थाने के अंतर्गत हुई। उस दौरान कर्मचारी कार से कंपनी जा रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कार को दो लोगों ने रोका, जिन्होंने एक पत्थर से कार की विंडशील्ड को तोड़ने की कोशिश की। कर्मचारी और उसके चालक को बंदूक से धमकाया गया। जैसे ही कर्मचारी ने कैश बैग लेकर भागने की कोशिश की। तभी उसका पीछा कर बैग छीन लिया। 
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