नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने देशभर में ‘डार्कनेट’ के नाम से सक्रिय ड्रग तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार महीने में 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। एनसीबी के मुताबिक अभियान के दौरान दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, असम और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारियां हुई हैं।
इस मामले एक एनसीबी कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है। उस पर गिरोह के मास्टरमाइंड की मदद करने का आरोप है। इस गिरोह का संचालन ‘डार्कनेट’ के जरिए किया जा रहा था। ‘डार्कनेट’, इंटरनेट का वह छिपा हुआ हिस्सा है, जहां विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसमें मादक पदार्थों की खरीद के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत कई पढ़े-लिखे लोग शामिल
गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एक वित्तीय विश्लेषक, एक एमबीए ग्रेजुएट और एक एनसीबी का आधिकारी भी शामिल है। गिरफ्तार लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं और न्यायिक हिरासत में हैं। एक व्यक्ति को एक परीक्षा में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की गई है।
एनसीबी ने दिल्ली-एनसीआर-गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, असम, पंजाब, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में चार महीने चले ऑपरेशन के बाद छिपी हुई वेब दुनिया पर चल रहे तीन बड़े ड्रग मार्केट का खुलासा किया है। इन ड्रग मार्केट के नाम 'डीएनएम इंडिया', 'ड्रेड' और 'दि ओरिएंट एक्सप्रेस' हैं।
समीर वानखेड़े को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया
क्रूज लाइनर पर ड्रग भंडाफोड़ की एनसीबी की जांच पूरी होने के करीब है। मुंबई एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मामले में जानकारी दी है।