केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों बड़े साफ शब्दों में कह दिया था कि अब देश में वामपंथी उग्रवाद की कोई जगह नहीं होगी। इसे खत्म करने के लिए विशेष रणनीति बन रही है। इसके तहत मोदी सरकार कई राज्यों में फैले वामपंथी उग्रवाद को धन मुहैया कराने वालों पर करारी चोट करेगी। उन्हें धन कौन मुहैया करा रहा है, ये जानकारी सरकार के पास है। इसपर काम भी शुरू हो गया है। वामपंथी उग्रवाद पर मोदी सरकार ने जिस तरह नकेल कसी है, यह उसी का नतीजा है कि आज वामपंथी उग्रवाद की घटनाएं कम हो रही हैं।
साल 2009 में ऐसी 2258 घटनाएं सामने आई थीं, जबकि 2018 में इनकी संख्या 833 है। केंद्रीय गृहमंत्री ने वामपंथी उग्रवाद पर केंद्र सरकार के मंत्रियों, प्रभावित राज्य के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों तथा केंद्र व राज्यों के आला अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान यह बात कही थी। अमित शाह ने कहा, वामपंथी उग्रवाद कुछ दशकों से देश के सामने एक बड़ी चुनौती के तौर पर उभरा है। इसे समाप्त करने के मकसद से उन्हे उपलब्ध होने वाले धन को रोकने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इस मुहिम के द्वारा उनके रहने, खाने-पीने, घूमने, हथियारों की खरीद और ट्रेनिंग आदि व्यवस्थाओं को रोका जा सकता है।
यह तय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस नए भारत के निर्माण की बात करते हैं, उसमें वामपंथी उग्रवाद के लिए कोई जगह नहीं होगी। गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों के समन्वय से वामपंथी उग्रवाद को निर्मूल किया जा सकता है। बंदूक के बल पर विकास और लोकतंत्र को झुकाने में वामपंथी उग्रवाद को कभी सफलता नहीं मिलेगी। पिछले साल केवल 60 जिलों में वामपंथी उग्रवाद की घटना नोट की गई हैं। राज्य सरकार, राज्य के सुरक्षा बल तथा केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से सफलता प्राप्त हुई है।
नक्सल क्षेत्रों में विकास पर रहेगा खास जोर
वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए वर्ष 2015 में एक राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना बनाई गई थी। इसमें सुरक्षा से संबंधित उपायों के साथ-साथ विकास के कार्यों, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और हकधारियों को सुनिश्चित करना इत्यादि शामिल है। इसके तहत स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। नक्सलवाद से प्रभावित जिलों में पुलिस बलों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
उग्रवाद प्रभावित राज्यों में स्थानीय पुलिस की सतर्कता और दक्षता के बिना वामपंथी उग्रवाद समाप्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए जो विशिष्ट पहल की हैं, उसमें प्रमुख तौर पर सड़क एवं टेलीकॉम कनेक्टिविटी में सुधार, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा शिक्षा शामिल है। एकलव्य मॉडल के अंतर्गत खोले जाने वाले स्कूलों की गति तेज करने, साथ ही सभी नागरिकों को पांच किलोमीटर के भीतर बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बात भी कही गई है।