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बॉम्बे हाईकोर्ट: पीएमएलए प्रावधानों के अनुसार नवाब मलिक को बीमार साबित करना होगा, तब ही जमानत पर विचार संभव

Tue, 14 Feb 2023 01:53 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, मुंबई

सार

नवाब मलिक को 23 फरवरी, 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पीएमएलए के प्रावधानों के तहत भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
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नवाब मलिक - फोटो : PTI
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विस्तार
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बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पूछा कि क्या राकांपा नेता नवाब मलिक एक "बीमार व्यक्ति" हैं जैसा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत परिभाषित किया गया है और इसलिए वह जमानत के हकदार होंगे। न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की एकल पीठ ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख तय करते हुए यह भी कहा कि उनके वकीलों को पहले अदालत को संतुष्ट करना होगा कि मलिक अस्वस्थ हैं और इसलिए उन्होंने चिकित्सा आधार पर जमानत मांगी है।

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नवाब मलिक को 23 फरवरी, 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पीएमएलए के प्रावधानों के तहत भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति कार्णिक ने कहा अगर मैं चिकित्सा आधार पर संतुष्ट नहीं होऊंगा तो आपको (मलिक) को अपनी बारी का इंतजार करना होगा (गुण के आधार पर जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए)। बोर्ड पर कई अन्य जरूरी मामले हैं। कल, मैं किसी को नहीं चाहता। 
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पीठ ने मलिक के वकील अमित देसाई और ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह से भी कहा कि वे इस बात पर बहस करें कि धन शोधन रोधी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कौन "बीमार व्यक्ति" है।

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