नौसेना ने स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस को विमानवाहक पोतों पर तैनात करने से इनकार कर दिया है। नौसेना ने कहा है कि तेजस का वजन ज्यादा है और यह विमान उसकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। नौसेना अब नए विमान की तलाश में जुट गई है। वह विदेशी विमान के विकल्प पर विचार कर रही है।
नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने तेजस की तैनाती से इनकार के पीछे इसका वजन ज्यादा होना भी एक वजह बताई। उन्होंने कहा कि जहां तक कि विमानवाहक पोतों पर तैनात होने वाले विमानों की बात है तो इन्हें विमानवाहक पोत के शामिल होने के समय ही हासिल किया जाना चाहिए।
अभी हमारे पास मिग 29 के विमान हैं, जो आईएनएस विक्रमादित्य से ऑपरेट होते हैं और स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत आईएसी विक्रांत से भी होंगे। हमें उम्मीद थी कि तेजस भी इन्हीं विमानवाहक पोतों से ऑपरेट हो सकेगा। लेकिन तेजस विमानवाहक पोत के मुताबिक नहीं है। इसलिए विमानवाहक पोतों के लिए किसी अन्य विमान की जरूरत है।
नौसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि नौसेना फिलहाल ऐसे विमान की तलाश कर रही है, जो उसकी जरूरतों पर खरा उतर सके। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे विमानों के बहुत ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं है। इसलिए मैं अगले पांच-छह साल का समय लेकर चल रहा हूं। मालूम हो कि स्वदेश में निर्मित तेजस को वायुसेना में शामिल किया जा चुका है।