फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौसेना दिवसः पराक्रम देखकर गदगद हुए लोग,अमर उजाला से की मन की बात; बोले- सीना हुआ गर्व से चौड़ा

Thu, 05 Dec 2024 02:53 AM IST
शुभम कुमार एन. अर्जुन, पुरी (ओड़िशा)

सार

बुधवार को देश भर में भारतीय नौसेना दिवस के तौर पर मनाया गया। इस अवसर पर पुरी के ब्लू फ्लैग बीच पर एक भव्य ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन आयोजित हुआ। जहां सैकड़ों लोग इस भव्य आयोजन के साक्ष्य बने। तो आईए जानते है कि वहां उपस्थित लोगों ने इस आयोजन के बारे में क्या कहा...
विज्ञापन
डॉ. इति सामंत, अमिताभ खिल्लर, जयंती मिश्रा, प्रशांत त्रिपाठी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यह अद्भूत क्षण था। कहने के लिए कोई शब्द ही नहीं मिल रहा है। मन बहुत गद-गद हो रहा है। इससे पहले मैंने कभी भी इस तरह का कार्यक्रम नहीं देखा था। नौसेना का पराक्रम देखने के बाद सीना गर्व से चौड़ा हो गया। यह कहना है पुरी में नौसेना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को देखने बाद भुवनेश्वर से आईं, लेखिका और फिल्म निर्माता डॉ. इति सामंत का। उन्होंने कहा, यह अद्भूत, अविश्वनीय और अकल्पनी था। 
विज्ञापन


नौसेना दिवस कार्यक्रम के बाद अमर उजाला से बुधवार को कई लोगों ने अपने मन की बात कही।

युवाओं को मिलेगी प्रेरणाः डॉ सामंत
डॉ. सामंत ने कहा, मैंने पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देखा। मैंने ही नहीं बल्कि पुरी शहर और ओड़िशा के लोगों ने ही इस तरह का कार्यक्रम पहली बार देखा। यह एक अदभूत, अविश्वनीय और अकल्पनीय था। पहली बार यह देखकर गर्व हुआ कि हमारी नौसेना कितनी ताकतवर है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं के आकर्षित करते हैं। भारतीय नौसेना को करीब से जानने का मौका मिला। निश्चित ही यह देखने के बाद युवाओं को आर्म्स फोर्सेज में जाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

पहली बार नौसेना को इतनी करीब से जानाः अमिताभ
भुवनेश्वर से नौसेना का कार्यक्रम देखन पुरी पहुंचे, लेखक अमिताभ खिलर कहते हैं कि हम तो केवल डिफेंस का मतलब हम केवल भारतीय सेना और एयरफोर्स को ही मानते थे। लेकिन पहलीबार भारतीय नौसेना को इतनी नजदीक से जानने का मौका मिला। यह भी पता चला कि किस तरह से 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में नौसेना ने अदम्य साहस का परिचय दिखाया था। हमारी नौसेना कितनी ताकतवर है। यह अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यह जानकर बहुत खुशी हुई। कार्यक्रम में जिस तरह से नौसेना के जवानों ने अदम्य साहस दिखाया, उनको शुक्रिया करने के लिए कोई शब्द नहीं है।
विज्ञापन


यह मौका भगवान जगन्नाथ ने दियाः जयंती
भुवनेश्वर से नौसेना का कार्यक्रम देखने आईं, गृहिणी जयंती मिश्रा कहती हैं, कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का कार्यक्रम देखने को मिलेगा। यह जो मुझे मौका मिला, वह भगवान जगन्नाथ ने दिलाया है। एक पल के लिए नजरें नहीं हठीं। एक से बढ़ कर एक अदम्य साहस का प्रदर्शन करके नौसेना के जवानों ने सबका दिल जीत लिया। पता ही नहीं चला कि करीब दो घंटे कैसे गुजर गए। एक गृहिणी होने के नाते केवल इतना कहना चाहती हूं कि इस तरह का कार्यक्रम हर भारतीय देख सके ताकि वह अपनी सेना, एयरफोर्स और नौसेना पर गर्व कर सके। जैसा कि मैंने पहली बार अहसास किया।

बेटे को मिला हौसला, ज्वाइन करेगा आर्म्स फोर्सेजः प्रशात
पुरी के रहने वाले प्रशांत त्रिपाठी कहते हैं, मेरे पिता जी भारतीय सेना मे्ं थे। यह कार्यक्रम देखने के बाद मेरा बेटा भी काफी उत्साहित हुआ है। अभी वह सातवीं में  है, उसका मन आर्म्स फोर्सेज ज्वाइन करने का हो रहा है। मुझे भी बहुत खुशी है कि मैं तो सेना में नहीं जा सका लेकिन बेटा आर्म्स फोर्सेज ज्वाइन करेगा। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकता है। पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देखने का मौका मिला। नौसेना का तातक देख कर दिल को तसल्ली हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें