नौसेना दिवस के अवसर पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय नौसेना के साहस, समर्पण और आधुनिक क्षमता को सलाम किया। फ्रांस के दूतावास ने भी भारत-फ्रांस नौसैनिक सहयोग को मजबूत बताते हुए शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने संदेश में कहा कि भारतीय नौसेना असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण ने नौसेना की क्षमताओं को बड़े पैमाने पर बढ़ाया है। मोदी ने इस वर्ष दिवाली आईएनएस विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ बिताने को अविस्मरणीय बताया और भविष्य के लिए नौसेना को शुभकामनाएं दीं।
रक्षा मंत्री ने विकसित भारत की यात्रा में नौसेना की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने नौसेना को भारतीय महासागर क्षेत्र की सबसे बड़ी निवासी शक्ति बताते हुए कहा कि वह आत्मनिर्भरता, सतर्कता और उच्च पेशेवर मानकों के साथ देश के समुद्री हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि नौसेना भविष्य में भी राष्ट्रीय समुद्री हितों को सशक्त बनाए रखेगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में व्यापारिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी को सशक्त बनाने और मानवीय मिशनों में नौसेना की अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अनुशासन, करुणा और उत्तरदायित्व की मिसाल है, जो देश की समुद्री शक्ति को मजबूती प्रदान कर रही है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय नौसेना भारत की समुद्री शक्ति, सतर्कता और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विशाल तटीय क्षेत्र की सुरक्षा से लेकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तक, नौसेना पेशेवर उत्कृष्टता, साहस और सेवा भावना के उच्चतम मानदंडों को बनाए हुए है। उन्होंने नौसैनिकों के निस्वार्थ योगदान और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वीरता देश को निरंतर प्रेरित करती रहे।
नौसेना दिवस पर फ्रांस के दूतावास ने भी भारतीय नौसेना को बधाई दी। ट्वीट में उन्होंने राफेल मरीन लड़ाकू विमान, नियमित संयुक्त अभ्यास, समुद्री गश्त और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खुला और सुरक्षित समुद्री तंत्र सुनिश्चित करने को दोनों देशों की साझेदारी का आधार बताया।
नौसेना दिवस हर वर्ष 4 दिसंबर को 1971 के युद्ध में ऑपरेशन ट्राइडेंट की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है, जब भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर निर्णायक हमला किया था।